Зад қосиди базми азо бо қомати хам

زد قاصدِ بزمِ عزا با قامتِ خم

Аз нав ба олами байрақи моҳи муҳаррам

از نو به عالم، بیرقِ ماهِ محرم

Ларзид аз ин мотам ба олами арши аъзам

لرزید ازین ماتم به عالم، عرشِ اعظم

Пушт фалак гардид ду то зини ғуссау ғам

پشتِ فلک گردید دو‌تا زین غصه و غم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бор дигар мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Аз навниҳоли моҳи ғам аз раҳи расида

از نو هلالِ ماهِ غم، از ره رسیده

Рангу рухи маҳтоб аз мотам парида

رنگ و رخِ مهتاب، از ماتم پریده

Хори ғами ҳиҷрон ба чашми мо халида

خارِ غمِ هجران به چشمِ ما خَلیده

Зад шуълаи меҳнат ба ҷони халқи олам

زد شعلهٔ محنت به جانِ خلقِ عالم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу смобори дигари мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Арш худо шуд аз азои нави сияҳи пӯш

عرشِ خدا شد از عزا، از نو سیه‌پوش

Малик ва малик карданд роҳатро фаромӯш

مُلک و مَلَک کردند راحت را فراموش

Каррӯбӣони гаштанди якҷои маҳву мадҳуш

کروبیان گشتند یک‌جا محو و مدهوش

Бар сар занон гардид ҳаввои ҳамчуи одам

بر سَر زنان گردید حوا، همچو آدم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бор дигар мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Андар Мадина кун хабари хиролнсо ро

اندر مدینه کن خبر، خیرالنساء را

Рӯ дар Наҷаф огоҳ кун шери худо ро

رو در نجف، آگاه کن شیرِ خدا را

Бар гӯ ба фахри анбиёи шоли азо ро

برگو به فخرِ انبیا، شالِ عزا را

Дар гардан андозад кашад афғони дамодам

در گردن اندازد، کِشد، افغان دمادم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бори дигари мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Перу ҷавони якбораи дил аз даст дода

پیر و جوان یک‌باره دل از دست داده

Марду зани андари базми мотами рӯи ниҳода

مرد و زن اندر بزمِ ماتم رو نهاده

Гуё ҳусайни ташнаи лаб бе сари фитода

گویا حسینِ تشنه‌لب، بی‌سر فتاده

Бо ханҷари хушк аз аташи андари лаб ӣам

با حنجرِ خشک از عطش، اندر لبِ یَم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бор дигар мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Гардиш ба коми душманон эй чарх то кӣ

گردش به کامِ دشمنان ای چرخ! تا کی؟

Кӯи додхоҳӣ то кунам ин шиква бо вай

کو دادخواهی تا کنم این شِکوِه با وی؟

Кандар сар не кард ҷо дар маҷлис май

کاندر سرِ نی کرد جا، در مجلسِ مِی

Он сар ки кардӣ сад чу исои зинда аз дам

آن سر که کردی صد چو عیسی، زنده از دَم

Вақт азо шуд мотам ба по шуд

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бор дигар мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)

Он сар ки меҳр аз шарми рӯйиш дар ҳиҷобаст

آن سر که مِهر از شرمِ، رویش در حجاب است

Кӣ дархури хокистар ва базм шаробаст

کی درخورِ خاکستر و بزمِ شراب است؟

Чун бахт ( сомит ) гўиёи гардун ба хобаст

چون بختِ «صامت» گوییا گردون به خواب است

Варна чаро вайрон нашуд авзоъи олам

ورنه چرا ویران نشد اوضاعِ عالم؟

Вақт азо шуд мотам ба по шуда

(وقتِ عزا شد، ماتم به پا شد)

Арзу самои бори дигари мотам саро шуд

(ارض و سما بارِ دگر ماتم‌سرا شد)

Вақт азо шуд

(وقتِ عزا شد...)