Нест мумкин ки шавад аз дилии шоди фалак
نیست ممکن که شود از دلی شاد، فلک
Башнавад чун зи ғами қосими домоди фалак
بشنود چون ز غمِ قاسمِ داماد، فلک
Кош мерафт пас аз навгули гулзори ҳусайн
کاش میرفت پس از، نوگلِ گلزارِ حسین
Хирмани ъушрати олами ҳама бар боди фалак
خرمنِ عشرتِ عالم همه بر باد، فلک
Аз ту фарёд фалак доду бедоди фалак
(از تو فریاد فلک، داد و بیداد فلک)
Задӣ оташ ба ҷаҳони хонаи ?ути ободи фалак
(زدی آتش به جهان، خانهات آباد فلک)
зи ту фарёди фалак
(ز تو فریاد فلک...)
Сохтӣ ҳиҷлаи домодӣ ӯро бар по
ساختی حجلهٔ دامادیِ او را برپا
То кунӣ шоди дили вай ба сафи крбу бало
تا کنی شاد دلِ وی به صفِ کربوبلا
Киштӣ ӯро дили пурҳасрат ва то рӯзи ҷазо
کُشتی او را دلِ پُرحسرت و تا روزِ جزا
Ваъдаи васли арӯсаши з ту афтод фалак
وعدهٔ وصلِ عروسش ز تو افتاد، فلک
зи ту фарёд фалак доду бедоди фалак
(از تو فریاد فلک، داد و بیداد فلک)
Задӣ оташ ба ҷаҳони хонаи ?ути ободи фалак
(زدی آتش به جهان، خانهات آباد فلک)
зи ту фарёди фалак
(ز تو فریاد فلک...)
Дид чун модари қосим ки дар он дашти мҳн
دید چون مادرِ قاسم که در آن دشتِ مِحَن
Қосим аз баҳри шаҳодат ба бадан карда кафан
قاسم از بهرِ شهادت به بدن کرده کفن
Гуфт зини гардиш воруна шуд эй чархи куҳан
گفت: زین گردشِ وارونه شد ای چرخِ کهن!
Хонаи сабри марои рахна ба бунёди фалак
خانهٔ صبرِ مرا رخنه به بنیاد، فلک
зи ту фарёд фалак доду бедоди фалак
(از تو فریاد فلک، داد و بیداد فلک)
Задӣ оташ ба ҷаҳони хонаи ?ути ободи фалак
(زدی آتش به جهان، خانهات آباد فلک)
зи ту фарёди фалак
(ز تو فریاد فلک...)
Қосим афтод ба сар чун ҳаваси майдонаш
قاسم افتاد به سَر چون هوسِ میدانش
Фотимаи зин сухан афтод шарар бар ҷонаш
فاطمه زین سخن افتاد شرر بر جانش
Кони арӯсӣ ки зи хӯни гашти ҳнобндонш
کان عروسی که ز خون گشت حنابَندانش
Дигар аз ъушрат дунё накунад ёди фалак
دیگر از عشرتِ دنیا نکند یاد، فلک
зи ту фарёд фалак доду бедоди фалак
(از تو فریاد فلک، داد و بیداد فلک)
Задам оташ ба ҷаҳони хонаи ?ути ободи фалак
(زدی آتش به جهان، خانهات آباد فلک)
зи ту фарёди фалак
(ز تو فریاد فلک...)
Гашт то манзили қосим ба сари ҳиҷлаи хок
گشت تا منزلِ قاسم به سرِ حجلهٔ خاک
Ҷигар ( сомит ) афсурдаи з ғам шуд сад чок
جگرِ «صامتِ» افسرده ز غم شد صد چاک
Дар дил хок шавад зини ғами азмӣ чу ҳалок
در دلِ خاک شود زین غمِ عظمیٰ چو هلاک
Афканди зилзила дар олами эҷоди фалак
افکند زلزله در عالمِ ایجاد، فلک
зи ту фарёд фалак доду бидои фалак
(از تو فریاد فلک، داد و بیداد فلک)
Задӣ оташ ба ҷаҳони хонаи ?ути ободи фалак
(زدی آتش به جهان، خانهات آباد فلک)
зи ту фарёди фалак
(ز تو فریاد فلک...)