Дод ки аз рухи ҳусайни шимур ҳаё наме кунад
داد که از رخِ حسین، شمر حیا نمیکند
То накушуд дасти зи доманаш раҳо наме кунад
تا نکُشد، دست ز دامنش رها نمیکند
Кас накашида дар ҷаҳони теғ ба рӯй миҳмон
کَس نکشیده در جهان، تیغ به رویِ میهمان
Ташнаи ҷудои сар касе каси з қафо наме кунад
تشنه جدا سرِ کِسی، کَس ز قفا نمیکُند
Хоҳӣ агар назар кунӣ ҳавсилаи эмом ро
خواهی اگر نظر کنی، حوصلهٔ امام را
Байн ки чигуна мекашад хусрави ташнаи ком ро
بین که چگونه میکُشد، خسروِ تشنهکام را
Зулми ҷавону перро таънаи хосу ом ро
ظلمِ جوان و پیر را، طعنهٔ خاص و عام را
Рӯй шикоят аз вафои сӯй худо наме кунад
رویِ شکایت از وفا، سویِ خدا نمیکند
Бас ки з сабр карда пари қудрат ҳақ намой ӯ
بس که ز صبر کرده پُر، قدرتِ حقنمایِ او
Омадаи тарки орзӯи умдаи орзӯӣ ӯ
آمده «تَرکِ آرزو»، عُمدهٔ آرزویِ او
Шимури дамии ҳазор дамгар бабради гулӯӣ ӯ
شمر دمی هزار دَم، گر ببرد گلویِ او
Сари з ҷафо намекашад тарк вафо наме кунад
سَر ز جفا نمیکشد، ترکِ وفا نمیکند
Ҳоли хароб вай шавад дам ба дам аз хароб тар
حالِ خرابِ وی شود، دمبهدم ار خرابتر
Қалби кабоб вай шавад ҳар нафасии кабоб тар
قلبِ کبابِ وی شود، هر نفسی کبابتر
Гар бар Тифл гардад аз хиҷлати оби об тар
گر بَرِ طفل گردد از، خجلتِ آب، آبتر
Бо ҳамаи дард бе давои фикр даво наме кунад
با همه دردِ بیدوا، فکرِ دوا نمیکند
Дошт чаҳ аз ризои ҳақи шоҳи шаҳиди огаҳӣ
داشت چو از رضایِ حق، شاهِ شهید آگهی
Дасти з ҷон бишуст бо кавкабаи ядуллоҳӣ
دست ز جان بشُست با، کوکبهٔ یداللهی
Варна ба теғи сорибон аз баданаши зи гмрҳӣ
ورنه به تیغِ ساربان، از بدنش ز گمرهی
Дасти шарифро ҷудо ӯ зад ва ҷо наме кунад
دستِ شریف را جدا، او ز دوجا نمیکُند
Онкии зи оби раҳматаши хоки вуҷӯди гул шуда
آنکه ز آبِ رحمتش، خاکِ وجود گِل شده
Коми забонаш аз аташи ин ҳамаи муштаал шуда
کام و زبانش از عطش، این همه مشتعل شده
Ханҷари дасти шимур аз тоқат ӯ хаҷал шуда
خنجرِ دستِ شمر از، طاقتِ او خجل شده
Дар ӣам хӯни худ абаси ташна шино наме кунад
در یَمِ خونِ خود عبث، تشنه شنا نمیکند
Воқеаи халилро баради ҳусайн аз миён
واقعهٔ خلیل را، بُرد حسین از میان
Додани сари забеҳро маҳв намӯд достон
دادنِ سرِ ذبیح را، محو نمود داستان
Ҳеҷ забеҳ кӣ фидо гашта чу Акбари ҷавон
هیچ ذبیح کی فدا، گشته چو اکبرِ جوان؟
Ҳеҷ халил чун ҳусайни рӯ ба манӣ наме кунад
هیچ خلیل چون حسین، رو به منا نمیکند
Он расӯли як ба як кард ба малики нинаво
آلِ رسول یکبهیک، کرد به مُلکِ نینوا
Бесару дасту тан ба тан бар сар хок карда ҷо
بیسر و دست و تنبهتن، بر سرِ خاک کرده جا
Тан шудаи он қадри ҳадари ҷон шуда ончунон ҳбо
تن شده آنقدر هدر، جان شده آنچنان هبا
Каз паии дафни каси гузар бар шуҳадо наме кунад
کز پیِ دفن، کَس گذر، بر شهدا نمیکند
Ҷилваи ҳасани кибриёи гашти зи шавқи раҳзанаш
جلوهٔ حُسنِ کبریا، گشت به شوق، رهزنش
Ҳалқаи мӯӣ дӯст шуд тавқи вафо ба гарданаш
حلقهٔ مویِ دوست شد، طوقِ وفا به گردنش
( сомит ) паст рутба зад дасти талаб ба доманаш
«صامتِ» پسترتبه زد، دستِ طلب به دامنش
Ишқи ҳусайни сари ҷудои шоҳ ва гадо наме кунад
عشقِ حسینِ سرجدا، شاه و گدا نمیکند