эй ба миҳроби ибодати кушта аз шамшери кин ё Амиралмӯъминин
ای به محرابِ عبادت، کُشته از شمشیرِ کین / یا امیرالمؤمنین!
Шуд сияҳи пӯш аз ғами доғи ту ҷбрили амин ё Амиралмӯъминин
شد سیهپوش از غمِ داغِ تو جبریلِ امین / یا امیرالمؤمنین!
Бо хабар аз теғи бен мулҷами ту будӣ бар мулло ё алии охир чаро
باخبر از تیغِ بنملجم تو بودی برملا / یا علی! آخر چرا
Бозуии хайбари гшо берун накардӣ зи остин ё Амиралмӯъминин
بازویِ خیبرگشا بیرون نکردی ز آستین؟ / یا امیرالمؤمنین!
То ки нанамояд касе инкор аз шқи алқмри баъди пайғамбар дигар
تا که ننماید کسی انکار از «شقالقمر» / بعدِ پیغمبر دگر
Зери теғи кофарӣ гардан наҳодӣ бар замин ё Амиралмӯъминин
زیرِ تیغِ کافری، گردن نهادی بر زمین / یا امیرالمؤمنین!
Буд тавқи бандагӣ бар гарданат аз додгари тавқи шамшери умр
بود طوقِ بندگی بر گردنت از دادگر / طوق شمشیر دوسر
Шуд вузӯии тоъатат эй шоҳ аз хӯни ҷабин ё Амиралмӯъминин
شد وضویِ طاعتت ای شاه، از خونِ جبین / یا امیرالمؤمنین!
Ту ба роҳи додгари андари вафои ҷон май диҳии ҷон ба ҷонон май диҳӣ
تو به راهِ دادگر اندر وفا جان میدهی / جان به جانان میدهی
Аҳли дунё рахна андозанд дар дайни мубин ё Амиралмӯъминин
اهلِ دنیا رخنه اندازند در دینِ مبین / یا امیرالمؤمنین!
Аз ҷафо яъне ҳусайнатро ба дашти Карбало бо тамоми ақрабо
از جفا یعنی حسینت را به دشتِ کربلا / با تمامِ اقربا
Сари зи теғи кини ҷудои созанди қавми мушрикин ё Амиралмӯъминин
سر ز تیغِ کین جدا سازند قومِ مشرکین / یا امیرالمؤمنین!
Ҳар чаҳ ҳаме гуфт эй лъинон сӯхтан як қатраи об кас намедодаш ҷавоб
هرچه میگفت ای لعینان! سوختم، یک قطره آب / کس نمیدادش جواب
Бо лаби аташон ҷудо шуд сари зи ҷисмаш бемуайян ё амиролмўмин
با لبِ عطشان جدا شد سر ز جسمش بیمُعین / یا امیرالمؤمنین!
Аз ду ҷо омад ҷудои даст аз тани фарзанди ту яъне аз дилбанди ту
از دوجا آمد جدا، دست از تنِ فرزندِ تو / یعنی از دلبندِ تو
Аз ҷафои сорибон ва ба ҷадали беруни зи дайн ё Амиралмӯъминин
از جفایِ ساربان و بَجدَلِ بیرون ز دین / یا امیرالمؤمنین!
Бо ятемони дили навозиҳо ту мекардӣ вале дар замона ё алӣ
با یتیمان دلنوازیها تو میکردی ولی / در زمانه یا علی!
Шуд ятемони ҳусайни силии хури шимури лъин ё Амиралмӯъминин
شد یتیمانِ حسین، سیلیخورِ شمرِ لعین / یا امیرالمؤمنین!
Пои зи ҳукм « акрами алзиФ » набии беруни ниҳоди хўлии кофари ниҳод
پا ز حکمِ «اَکِرمِ الضیفِ» نبی بیرون نهاد / خولیِ کافر نهاد
Кард бо хоки сияҳи рас ҳусайнат ҳамнишин ё амиролмўнин
کرد با خاکِ سیه، رأسِ حسینت همنشین / یا امیرالمؤمنین!
Шарм дорам аз ту дар даврон ки гӯям бе ниқоби ҷониби базми шароб
شرم دارم از تو در دوران که گویم بینقاب / جانبِ بزمِ شراب
Шуд равонаи духтарат бо кӯдакони дили ғамин ё Амиралмӯъминин
شد روانه دخترت با کودکانِ دلغمین / یا امیرالمؤمنین!
Хсрўо ( сомит ) нўохўон шуд ба гулзори азо аз ғами оли ъабо
خسروا! «صامت» نواخوان شد به گلزارِ عزا / از غمِ آلِ عبا
Дастгирами шӯи зи лутфи худ ба рӯзи вопасин ё Амиралмӯъминин
دستگیرم شو ز لطفِ خود به روزِ واپسین / یا امیرالمؤمنین!