Зинати дӯши набии хоки сияҳи ҷой ту нест
زینتِ دوشِ نبی! خاکِ سیه جایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Ба сари хоки сияҳи манзилу маъвоӣ ту нест
به سرِ خاکِ سیه، منزل و مأوایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Хоки олам ба серум каз асари тиру синон
خاکِ عالم به سرم کز اثرِ تیر و سنان
эй шаҳи ташнаи лабон
ای شهِ تشنهلبان!
Ҷои як бӯсаи ман дар ҳамаи аъзоӣ ту нест
جایِ یک بوسهٔ من در همه اعضایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Шимур , лаби ташнаи чисони риштаи умр ту гусехт
شمر، لبتشنه چهسان رشتهٔ عمرِ تو گسیخت؟
Бе гунаҳи хӯни ту рехт
بیگنه خونِ تو ریخت
Мар надид ӯ асари ранг ба симоӣ ту нест
مر ندید او اثرِ رنگ به سیمایِ تو نیست؟
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Қосидии кӯ ки фиристам дамӣ аз крбу бало
قاصدی کو که فرستم دمی از کربوبلا
Ба бар шери худо
به برِ شیرِ خدا؟
Дар Наҷафи бохабар аз ҳоли ту бобой ту нест
در نجف، باخبر از حالِ تو بابایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Шимур нагузошт пас аз қатли ту мъҷр ба серум
شمر نگذاشت پس از قتلِ تو مِعجر به سَرم
эй шаҳи хӯни ҷигарам
ای شهِ خونجگرم!
Кафании баҳри қаду қомати раъноӣ ту нест
کفنی بهرِ قد و قامتِ رعنایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Додӣ эй шоҳ ба майдони муҳаббати сари хеш
دادی ای شاه، به میدانِ محبت سَرِ خویش
Ба раҳи довари хеш
به ره داوَرِ خویش
Аз худои ғайри худои ҳеҷ таманноӣ ту нест
از خدا، غیرِ خدا هیچ تمنایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Зини ҷафоҳо ки кунӣ ки эй писари саъди дағо
زین جفاها که کنی ای پسرِ سعدِ دغا
Ба шаҳи крбу бало
به شهِ کربوبلا
Магар аз дӯди дили Фотимаи пурвой ту нест
مگر از دودِ دلِ فاطمه پروایِ تو نیست؟
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
зи ғам бе касе ?ут шуд ҷигари санги кабоб
ز غمِ بیکسیات شد جگرِ سنگ، کباب
Охир аз баҳри савоб
آخر از بهرِ ثواب
Як ҷӯии раҳм чаро бар дили аъдоӣ ту нест
یکجُوی رحم چرا بر دلِ اعدایِ تو نیست؟
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Гар бигӯям ки видоъи алии Акбари писарат
گر بگویم که وداعِ علیاکبر، پسرت
Шудаи пари хӯни ҷигарат
شده پُرخون جگرت
Шоҳидии беҳтар аз ин чашми гҳрзоӣ ту нест
شاهدی بهتر از این چشمِ گهرزایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
На бародар на писари тан ба замини сари бустон
نه برادر، نه پسر، تن به زمین، سَر به سنان
эй шаҳи ташнаи лабон
ای شهِ تشنهلبان!
Нест дардӣ ки з ҳар гӯшаи муҳайёӣ ту нест
نیست دردی که ز هر گوشه مُهیایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Шимур нилӣ кунад аз зулми рухи духтари ту
شمر نیلی کند از ظلم، رخ دختر تو
Кӯдаки музтари ту
کودکِ مضطرِ تو
Магари ин сӯхтаи дили духти дили орой ту нест
مگر این سوختهدل، دُختِ دلآرای تو نیست؟
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Танати имрӯзи чунин серума сифат ме нагарм
تنت امروز چنین سُرمهصفت مینگرم
Хоки олам ба серум
خاکِ عالم به سرم!
Бохабари хоҳарат аз имшабу фардоӣ ту нест
باخبر خواهرت از امشب و فردایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Биҷуз аз чашми ману чашмаи захми баданат
بهجز از چشمِ من و چشمهٔ زخمِ بدنت
Ҷон ба қурбони нет
جان به قربانِ تنت!
Хӯн фишон чашм касе баҳри тамошоӣ ту нест
خونفشان چشمِ کسی بهرِ تماشایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Ғайри занҷир ки дар бастан мо бастаи камар
غیر زنجیر که در بستنِ ما بسته کمر
эй шаҳи ташнаи ҷигар
ای شهِ تشنه جگر!
Ҳеҷ кас нест ки дарбанди сару пой ту нест
هیچ کس نیست که در بند سر و پای تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست
Хсрўо ( сомит ) маҳзуни зи азояти шабу рӯз
خسروا! «صامتِ» محزون ز عزایت شب و روز
Гуяд аз нолау сӯз
گوید از ناله و سوز:
Корзўӣӣ ба дилами ғайри таманноӣ ту нест
کآرزویی به دلم غیرِ تمنایِ تو نیست
Хез кин ҷой ту нест
خیز کاین جایِ تو نیست