Оҳ ки сад пора ҷигар шуд ҳасан
آه که صد پاره جگر شد حَسن
Дод з зан дод зи бедоди зан
داد ز زن، داد ز بیدادِ زن!
Заҳри Муъовияи кофари зи сар
زهرِ معاویهٔ کافر ز سَر
Кард ҷаҳонро ҳамаи байти алҳзн
کرد جهان را همه بیتالحَزن
Шери худои Подшаҳи луи кашф
شیرِ خدا، پادشهِ «لو کُشِف»!
Ҷониб Ясриб башитоб аз Наҷаф
جانبِ یثرب بشتاب از نجف
Омада бо фавҷи малики саф ба саф
آمده با فوجِ مَلَک، صف به صف
Вирд забон карда ҳама бо асФ
وردِ زبان کرده همه با اَسَف:
Оҳ ки сад пора ҷигар шуд ҳасан
آه که صد پاره جگر شد حسن
Гумшуда аз арши барин гӯшвор
گم شده از عرشِ برین، گوشوار
Ғам шуда бо Аҳмади мухтори ёр
غم شده با احمدِ مختار، یار
Ҷониби ҷбрили амини гӯши дор
جانبِ جبریلِ امین گوش دار
Гиряд ва гуяд зи лами зори зор
گرید و گوید ز غمِ زار، زار:
Оҳ ки сад пора ҷигар шуд ҳасан
آه که صد پاره جگر شد حسن
Бўолбшр аз хиҷлати хиролбшр
بوالبشر از خجلتِ خیرُالبشر
Бар сар зону биниҳодааст сар
بر سرِ زانو بنهاده است سَر
Нӯҳ аз ин доғ шудаи Нӯҳ гар
نوح از این داغ شده نوحهگر
Гиряд ва гуяд бадви чашмон тар
گرید و گوید به دو چشمانِ تر:
Оҳ ки сад пора ҷигар шуд ҳасан
آه که صد پاره جگر شد حسن
Карда се ҷои ҳазрати хиролнсо
کرده سه جا حضرتِ خیرُالنسا
Байрақи мотами илми ғами бпо
بیرقِ ماتم، عَلمِ غم بهپا
Гуҳ ба хуросону гуҳии Карбало
گه به خراسان و گهی کربلا
Гуҳ ба Мадинаи басари Муҷтабо
گه به مدینه به سرِ مجتبی:
Оҳ ки сад пора ҷигар шуд ҳасан
آه که صد پاره جگر شد حسن