Лам ё қавми тридўни ббғӣу фасод

لِمَ يا قَوْمُ تُرِيدُونَ بَغْيًا وَفَسَادًا؟

Лами тсъўни бқтлии блҷоҷу ъинод

لِمَ تَسْعَوْنَ لِقَتْلِي بِلَجَاجٍ وَعِنَادٍ؟

Лӣси валлоҳи сўонои халафи баъди набӣ

لَيْسَ وَاللَّهِ سِوَانَا خَلَفٌ بَعْدَ نَبِيٍّ

Фарзи аллоҳи алии тоътнои кули ибод

فَرَضَ اللَّهُ عَلَى طَاعَتَنَا کُلَّ عِبَادِ

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Рбнои қади урфи аллоҳи алии кули барӣа

رَبُّنَا قَدْ عَرَّفَ اللَّهُ بِنَا کُلَّ الْبَرِيَّةِ

Влқди тҳрнои аллоҳи бтҳри абадӣа

وَلَقَدْ طَهَّرَنَا اللَّهُ بِطُهْرٍ أَبَدِيَّةِ

Шарафи аззоҳири волботни Фҳнои азлиаҳ

شَرَفُ الظَّاهِرِ وَالْبَاطِنِ فِينَا أَزَلِيَّةٌ

Ҷднои ашрафи ман кули шарифи вҷўод

جَدُّنَا أَشْرَفُ مِنْ کُلِّ شَرِيفٍ وَ جَوَادِ

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Чист тақсири ман эй қавм ки алиўми ҷаҳонӣ

چیست تقصیرِ من ای قوم که الیوم جهانی

Шудаи омода ба қатлами ҳама бо теғу сенае

شده آماده به قتلم همه با تیغ و سنانی؟

Дар шумо нест зи ислом на номӣ на нишоне

در شما نیست ز اسلام نه نامی نه نشانی

Анои тмону қади ахрси нутқии влсонӣ

أنا ظمآنُ و قد اَخرسَ نطقی و لسانی

Анои аташони вқдои ҳрқи қалбӣу фуодӣ

أنا عطشانُ و قد اَحرقَ قلبي و فؤادي

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Анъми аллоҳи ълинои брсўли маданӣ

اَنعمَ اللهُ علینا برسولٍ مدنيّ

Ҳўҷдӣу абии воситаи алкўни алӣ

هو جدّي، و أبي، واسطةُ الکونِ عليّ

Ман ?лаам комӣу ҳаии бинти набӣ

مَنْ لَهُ أُمٌّ کَأُمِّي وَهِيَ بِنْتُ نَبِيٍّ

Ҳзаҳи алФхри кафофии бслоҳи ршод

هٰذَا الْفَخْرُ کَفَانِي فِي الصَّلَاحِ وَالرَّشَادِ

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Гоҳ гуфтӣ шаҳи дайн дар бар сидиқаи сғро

گاه گفتی شهِ دین در برِ صدیقهٔ صغریٰ

Зайнаби хӯн шудаи дили духтари неки ахтари Заҳро

زینبِ خون‌شده‌دل، دخترِ نیک‌اخترِ زهرا:

Асбрии ахтии мовақаъи алдҳри ълино

«اِصبري أختي علیٰ ما وَقَعَ الدّهرُ علینا»

Лӣси фии сониҳаи алксўни саботу мҳод

لیسَ في ساحةِ اَلکونِ ثباتٌ و مهاد

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Аҷабо во аҷабо уммати гумроҳ ки яксар

عجبا وا عجبا! امتِ گمراه که یکسر

Чашми пӯшеди зи ҳақи намаки он паямбар

چشم پوشید ز حقِ نمکِ آلِ پیمبر

Ҳама дар рехтани хӯни ман бекасу ёвар

همه در ریختنِ خونِ منِ بی‌کس و یاور

Шудаи омода ва бигрифта ба кафи найзау ханҷар

شده آماده و بگرفته به کف نیزه و خنجر

Фстҷзўни ман аллоҳи азои қоми маъод

فستُجزونَ منَ اللهِ إذا قامَ معاد

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین

Гоҳ мезад шарари андари ҷигар ( сомит ) длхўн

گاه می‌زد شرر اندر جگرِ «صامتِ» دل‌خون

Ба тислои ятемони дили афсурдаи маҳзун

به تسلایِ یتیمانِ دل‌افسردهٔ محزون:

ё сакинау руқияи лФроқии лами тбкўн

«یا سکینة و رقیّة لِفراقي لِمَ تَبْکون؟

Ҳасбии аллоҳи кФонои вҳўи хайри имод

حسبيَ الله کَفانا و هو خيرُ عماد»

Анои мазлӯми ҳусайни анои маҳрӯми ҳусайн

أنا مظلوم حسین، أنا محروم حسین