Чун шуд ба дашти Карбалои овораи зайнаб

چون شد به دشتِ کربلا، آواره زینب

Вақти асирӣ бо дили сад пораи зайнаб

وقتِ اسیری با دلِ صدپاره، زینب

Дар қатлгоҳ оварад рӯи бечораи зайнаб

در قتلگه آورد رو، بیچاره زینب

Гуфтои сари наъши ҳусайн бо шӯру ғавғо

گفتا سرِ نعشِ حسین، با شور و غوغا:

эй нури айнам бе сари ҳусайнам

(ای نورِ عینم، بی‌سر حسینم)

Райҳонаи Заҳроу шамси мшрқинм

(ریحانهٔ زهرا و شمسِ مشرقینم)

эй нури айнам бе сари ҳусайнам

(ای نورِ عینم، بی‌سر حسینم)

Бозуии зини алъобдин андар танобаст

بازویِ زین‌العابدین، اندر طناب است

Аз сӯзи таби рӯзу шаб андар изтиробаст

از سوزِ تب، روز و شب اندر اضطراب است

Ғмхўории бемори таб дорат савобаст

غمخواریِ بیمارِ تب‌دارت ثواب است

( сомит ) кунад зини ғуссаи марги худ таманно

«صامت» کند زین غصه، مرگِ خود تمنا

эй нури айнам бе сари ҳусайнам

(ای نورِ عینم، بی‌سر حسینم)

Райҳонаи Заҳроу шимши мшрқинм

(ریحانهٔ زهرا و شمسِ مشرقینم)

эй нури айнам бе сари ҳусайнам

(ای نورِ عینم، بی‌سر حسینم)