Дар крбу балои ҳусайн бе ёр

در کرب و بلای حسین بی‌یار

Чун гашти ғариб ва бе мададкор

چون گشت غریب و بی‌مددکار

Бигирифт ба кафи алии Акбар

بگرفت به کف علی اکبر

Дар дами паии ёри падари сар

در دم پی یار پدر سر

Лайлои стмкши ҷигари хӯн

لیلای ستمکش جگر خون

Аз хаймаи худ давиди берун

از خیمه خود دوید بیرون

Бӯсед рикоби тавсанаш ро

بوسید رکاب توسنش را

Бигирифт ду дасти доманаш ро

بگرفت دو دست دامنش را

К-эии шуъла шамъ орзӯем

کای شعله شمع آرزویم

эй тозаи ҷавон моҳ рӯем

ای تازه جوان ماه رویم

Қурбони ҷамол бе мисолат

قربان جمال بی‌مثالت

Модар чаҳ буд магари хаёлат

مادر چه بود مگر خیالت

Шурӣ ки туро фитода бар сар

شوری که تو را فتاده بر سر

Пинҳон макун аз ман мукаддар

پنهان مکن از من مکدر

Бо он ҳамаи ошнои ту

با آن همه آشنایی تو

Чун шуд сабаби ҷудои ту ?

چون شد سبب جدایی تو؟

Бо он ҳамаи дарду ғами насибӣ

با آن همه درد و غم نصیبی

Бо ин ҳамаи меҳнату ғарибӣ

با این همه محنت و غریبی

Хоҳии зи ман ҳазини шӯии давр

خواهی ز من حزین شوی دور

То аз ғами даврӣ ?ут шавам кӯр

تا از غم دوری‌ات شوم کور

Ту бар ман хастаи нури Айнӣ

تو بر من خسته نور عینی

Шамъи шаби мотами ҳусайнӣ

شمع شب ماتم حسینی

Зин беш машав паии шикастам

زین بیش مشو پی شکستم

эй тозаи ҷавони Марви зи дастам

ای تازه جوان مرو ز دستم

Тарсами зи ҷдоӣит чу маҷнӯн

ترسم ز جدائیت چو مجنون

Гардад ватанам ба кӯҳу ҳомӯн

گردد وطنم به کوه و هامون

Манимоӣ ба чашми халқи хорам

منمای به چشم خلق خوارم

Чун тоқати даврӣ ?ут надорам

چون طاقت دوری‌ات ندارم

Бинмоӣ ба ҳоли ман тараҳҳум

بنمای به حال من ترحم

Сарриштаи умр ман шавад гум

سررشته عمر من شود گم

Ман бар сари он ба ноМуродӣ

من بر سر آن به نامرادی

Пӯшам ба тани ту рахти шодӣ

پوشم به تن تو رخت شادی

Байнами з барои даст бӯаст

بینم ز برای دست بوست

Дар дасти ту дасти наварӯсат

در دست تو دست نوعروست

Ту дар паии он ки вақти перӣ

تو در پی آن که وقت پیری

Дасти ман нотавон бигирӣ

دست من ناتوان بگیری

Созӣ бар душманони ҳақирам

سازی بر دشمنان حقیرم

Вондри кафи шимури дастгирам

واندر کف شمر دستگیرم

То ҳаст рамақ ба ҷисми зорам

تا هست رمق به جسم زارم

Кӣ дасти з доманат бидорам

کی دست ز دامنت بدارم

Он тозаи ҷавон ба ҳоли ташвиш

آن تازه جوان به حال تشویش

Гуфто ба ҷавоби модари хеш

گفتا به جواب مادر خویش

Кӣ модар ғам расада ман

کی مادر غم رسده من

Лайлоӣ ситам кашида ман

لیلای ستم کشیده من

Аз нола худ макун кабобам

از ناله خود مکن کبابم

Байни гардани каҷи ситодаи боБам

بین گردن کج ستاده بابم

Зад ғусса ба шишаи дилами санг

زد غصه به شیشه دلم سنگ

Гардӣда дилами зиндагии танг

گردیده دلم زندگی تنگ

Бигзор ки ноумеди гирдам

بگذار که ناامید گردم

Дар роҳи падари шаҳиди гирдам

در راه پدر شهید گردم

Модар манимо марои маломат

مادر منما مرا ملامت

Тарсам ки ба арсаи қиёмат

ترسم که به عرصه قیامت

Чун ҷаддаи ман батули узро

چون جده من بتول عذرا

Бо оҳу фиғону шӯру ғавғо

با آه و فغان و شور و غوغا

Гардад ба сабоҳи рӯзи маҳшар

گردد به صباح روز محشر

Ҳозир ба мақоми адли довар

حاضر به مقام عدل داور

Ҷӯяд паии мансаби шафоат

جوید پی منصب شفاعت

Аз мо ҳамаи маҳзари шаҳодат

از ما همه محضر شهادت

Гуяд ба рикоби нури айнам

گوید به رکاب نور عینم

Кардааст ки ёрии ҳусайнам

کرده است که یاری حسینم

Хайли шуҳадо ба маҳзари хеш

خیل شهدا به محضر خویش

Оранд ба кафи ҳамаи сари хеш

آرند به کف همه سر خویش

Кулсум ба пеши дидаи нос

کلثوم به پیش دیده ناس

Орад ба миёни ду дасти аббос

آرد به میان دو دست عباس

Он як з ҷигар кашад фиғон ро

آن یک ز جگر کشد فغان را

Оради сари қосими ҷавон ро

آرد سر قاسم جوان را

Як сӯии арӯс бо хурӯшаш

یک سوی عروس با خروشش

Ояд ба рӯй дидаи гӯшаш

آید به روی دیده گوشش

Орад ба бабраши робити музтар

آرد به ببرش رابط مضطر

Қнзоқаҳи пари зи хӯни Асғар

قنذاقه پر ز خون اصغر

Пурсади зи тугар ҷаноби Заҳро

پرسد ز تو گر جناب زهرا

К-эй бекас ғам расада Лайло

کای بی‌کس غم رسده لیلا

Пас чист нишони ёрии ту

پس چیست نشان یاری تو

Кӯи тӯҳфаи ҷони нисории ту

کو تحفه جان نثاری تو

Акбар ки туро маин писар буд

اکبر که تو را مهین پسر بود

Гуё зи ҳусайни азизтар буд

گویا ز حسین عزیزتر بود

Биниҳод чаро ба Карбалояш

بنهاد چرا به کربلایش

Танҳо ва накард ҷони фидояш

تنها و نکرد جان فدایش

Имрӯз агар дилат малуласт

امروز اگر دلت ملولست

Беҳтари зи хиҷолат батул аст

بهتر ز خجالت بتول است

Аз гиря манеҳ ба пои камандам

از گریه منه به پا کمندم

Кун дар сафи ҳашари сари баландаш

کن در صف حشر سر بلندش

Кони рӯз ба мисли дигаронат

کان روز به مثل دیگرانت

Бошад сари Акбари армағонат

باشد سر اکبر ارمغانت

( сомит ) зи ғами алии Акбар

(صامت) ز غم علی اکبر

Бар ҷон ҷаҳон фикандӣ озар

بر جان جهان فکندی آذر

Рӯи сӯии ҳикоят дигар кун

رو سوی حکایت دیگر کن

Хокӣ дигар аз азо ба сар кун

خاکی دگر از عزا به سر کن