Ривоятаст ки андари Мадинаи атҳар

روایت است که اندر مدینه اطهر

Расед як арабӣ аз паии суол аз бар

رسید یک عربی از پی سئوال از بر

Суол кард ки бо бахшиш ва ҳимоят кист

سئوال کرد که با بخشش و حمایت کیست

Каримтар зи карямон дар ин вилоят кист

کریمتر ز کریمان در این ولایت کیست

Яке зи шиъаи мавлои дайни алӣ вале

یکی ز شیعه مولای دین علی ولی

Ба гуфт рӯ бар сибти набии ҳусайни алӣ

به گفت رو بر سبط نبی حسین علی

Равон ба ҷониби масҷиди он ҷавони араб

روان به جانب مسجد آن جوان عرب

Ба назд хомси оли ъабои зи сидқи адаб

به نزد خامس آل عبا ز صدق ادب

Салом кард ба он муқтадои аҳли яқин

سلام کرد به آن مقتدای اهل یقین

Пас аз салом бигуфт эй сулолаи ёсин

پس از سلام بگفت ای سلاله یاسین

Туе ки ҳаст ҷаҳонро сӯии ту чашми умед

تویی که هست جهان را سوی تو چشم امید

Касе нарафта зи даргоҳи ҷӯади ту навмед

کسی نرفته ز درگاه جود تو نومید

зи мосўо ба сўои ту эътимодӣ нест

ز ماسوا به سوای تو اعتمادی نیست

Ба ғайри кафи ҷаводат дигар ҷаводӣ нест

به غیر کف جوادت دگر جوادی نیست

зи теғи бобати ту бар ҷо намонад дар офоқ

ز تیغ بابت تو بر جا نماند در آفاق

Асари зи ҳишмати Фҷору савлати Фсоқ

اثر ز حشمت فجار و صولت فساق

Ҳидояти туу аҷдоди ту ба малики ҷаҳон

هدایت تو و اجداد تو به ملک جهان

Наме ниҳод агар пои ростӣ ба миён

نمی نهاد اگر پای راستی به میان

Паии парастиши ҳақ касе наменамӯд иқдом

پی پرستش حق کسی نمی‌نمود اقدام

Тамомро ба шарори ҷҳим буд мақом

تمام را به شرار جحیم بود مقام

Азизи Фотимаи султони кишвари эъҷоз

عزیز فاطمه سلطان کشور اعجاز

Суол кард зи қанбари пас аз фироқи намоз

سئوال کرد ز قنبر پس از فراغ نماز

Ки мондааст зи моли ҳиҷоз ҳар чаҳ баҷо

که مانده است ز مال حجاز هر چه بجا

Ба ин ҷавони араби даҳ ки ӯ буд аввалӣ

به این جوان عرب ده که او بود اولی

Бигуфт эй кафи ҷӯади ту мътии дарҳам

بگفت ای کف جود تو معطی درهم

Буд чаҳорҳазори ашрофӣ на беш ва на кам

بود چهارهزار اشرافی نه بیش و نه کم

Ба ҳамраҳи араби он шаҳриёри фарзона

به همره عرب آن شهریار فرزانه

Равонаи гашти зи масҷид ба ҷониби хона

روانه گشت ز مسجد به جانب خانه

Ҳамон чаҳор ҳазор ашрафӣ ки бар ҷо буд

همان چهار هزار اشرفی که بر جا بود

Тамоми барад ато кард он азизи вдўд

تمام برد عطا کرد آن عزیز ودود

зи шарми бахшиш кам кард мазҳар бе чун

ز شرم بخشش کم کرد مظهر بی‌چون

Ду дасти файзи расонро зи пушт дар берун

دو دست فیض رسان را ز پشت در بیرون

Бидон ҷавон араб дод ва маъзират талабед

بدان جوان عرب داد و معذرت طلبید

Забон узр гушӯд ва бигуфт шоҳи шаҳид

زبان عذر گشود و بگفت شاه شهید

Ки эй араб агар аз мол ва макунат дунё

که ای عرب اگر از مال و مکنت دنیا

Чунонкӣ дар кафи мо буд монда буд баҷо

چنانکه در کف ما بود مانده بود بجا

Саҳоби бахшиш мо мешудӣ нисори афшон

سحاب بخشش ما می‌شدی نثار افشان

Дигар зи фоқа нмондӣ биравӣ даҳри нишон

دگر ز فاقه نماندی بروی دهر نشان

Вале ҳаводиси даврони бмо шудааст далер

ولی حوادث دوران بما شده است دلیر

Чунин ки ёфта вазъи сахои мо тағйир

چنین که یافته وضع سخای ما تغییر

Гирифт марди араби он зар аз шаҳи аҳрор

گرفت مرد عرب آن زر از شه احرار

зи дида ашк фишон шуд ба мисли абри баҳор

ز دیده اشک فشان شد به مثل ابر بهار

Сарвари сина фахрамам зи марди араб

سرور سینه فخر امم ز مرد عرب

Суол кард ки ин гиря ту чист сабаб

سوال کرد که این گریه تو چیست سبب

Гумонами онкӣ ба назд ту ин ътиаҳ кам аст

گمانم آنکه به نزد تو این عطیه کم است

зи бахшиш кам мо хотират қарин ғамаст

ز بخشش کم ما خاطرت قرین غمست

Ба гиря гуфт ки шоҳо ба хотирам ғам нест

به گریه گفت که شاها به خاطرم غم نیست

Фидои ҷудуи сахояти атои ту кам нест

فدای جودو سخایت عطای تو کم نیست

Сиришки резам аз он рӯз ба дидаи намнок

سرشک ریزم از آن روز به دیده نمناک

Ки буд дасти ту файёз дар ҳаёту мамот

که بود دست تو فیاض در حیات و ممات

Кунун диҳед дамии гӯш аз тариқи вафо

کنون دهید دمی گوش از طریق وفا

зи ҷӯаду бахши он шаҳ ба дашти крббло

ز جود و بخش آن شه به دشت کرببلا

Дамӣ ки бо тан бесар намӯда буд макон

دمی که با تن بی‌سر نموده بود مکان

Ба хоки қтлгаҳи он нури чашми оламён

به خاک قتلگه آن نور چشم عالمیان

Либоси барда ба тороҷи кӯфӣони зи таниш

لباس برده به تاراج کوفیان ز تنش

Чу ҷон кашида ба бар хоки ҷисм бе кафанаш

چو جان کشیده به بر خاک جسم بی‌کفنش

зи сайри дори фанои бастаи чашми ҳақи бениш

ز سیر دار فنا بسته چشم حق بینش

Расед ба ҷадали давр аз худо ба болинаш

رسید به جدل دور از خدا به بالینش

Нахуст кард тамаъ бар либоси пайкар ӯ

نخست کرد طمع بر لباس پیکر او

Чу дид комдаҳи урёни зи пой то сар ӯ

چو دید کامده عریان ز پای تا سر او

Ниҳоли орзӯяши хост бесамар гардад

نهال آرزویش خواست بی‌ثمر گردد

Ирода кард ки аз қатлгоҳи баргардад

اراده کرد که از قتلگاه برگردد

Дубора гашт бидон беҳаёӣ шавам шарир

دوباره گشت بدان بی‌حیای شوم شریر

Саховати писари Бутуроби домани гир

سخاوت پسر بوتراب دامن گیر

Забони ҳоли шаҳ ташна шуд қарини мақол

زبان حال شه تشنه شد قرین مقال

Ишора кард ки эй кофари сияҳи иқбол

اشاره کرد که ای کافر سیه اقبال

Магӯ зи ғорати ин тани тиҳӣ буд муштам

مگو ز غارت این تن تهی بود مشتم

Биёи биё ки буд хотамӣ дар ангуштам

بیا بیا که بود خاتمی در انگشتم

Ба дастёрии ангушти он муҳӣти карам

به دستیاری انگشت آن محیط کرم

Ба чашми кӯри вай аз давр барқ зад хотам

به چشم کور وی از دور برق زد خاتم

Валек хотир ба ҷадал зиёд шуд ранҷа

ولیک خاطر به جدّل زیاد شد رنجه

Ки дасти шоҳ ба хӯни хушк буд бо панҷа

که دست شاه به خون خشک بود با پنجه

Нашуд муяссари он аҳриман ба осонӣ

نشد میسر آن اهرمن به آسانی

Ки аз кафши баради он хотами сулаймонӣ

که از کفش برد آن خاتم سلیمانی

Надошт ҳурмати ҷадаши расӯлро манзур

نداشت حرمت جدش رسول را منظور

Бабради дасти барда ба ҷониби сотўр

ببرد دست برده به جانب ساطور

Ба қалби ҳазрати хиролнсои шарро фурухт

به قلب حضرت خیرالنسا شر را فروخت

Барои хотири ангуштарии ҷонро сӯхт

برای خاطر انگشتری جان را سوخت

Фиканд зилзилаи андари баннои арши Маҷид

فکند زلزله اندر بنای عرش مجید

Барои хотамии ангушти он ҷаноб бурид

برای خاتمی انگشت آن جناب برید

Басаст ( сомит ) азин бештар шитоб макун

بس است (صامت) ازین بیشتر شتاب مکن

Азин чакомаи дили дӯстон кабоб макун

ازین چکامه دل دوستان کباب مکن