Соқии биё ки дилбарами имрӯз дар бар аст
ساقی بیا که دلبرم امروز در بر است
намедиҳад ки ъушрати ду ҷаҳонам муяссар аст
می دهد که عشرت دو جهانم میسر است
Шоми ғамам ба субҳи саодат баробар аст
شام غمم به صبح سعادت برابر است
Бар дастами он шабӣ ки сари зулф дилбар аст
بر دستم آن شبی که سر زلف دلبر است
Ҳқо ки аз ҳазор шаби қадар беҳтар аст
حقا که از هزار شب قدر بهتر است
Онро ки бори миннати ёрӣ ба дӯш нест
آن را که بار منت یاری به دوش نیست
Дар назд ақли соҳиби идрок ва ҳуш нест
در نزد عقل صاحب ادراک و هوش نیست
Хуштар зи зикри номи ту ҳарфӣ ба гӯш нест
خوشتر ز ذکر نام تو حرفی به گوش نیست
Ҳоҷат ба машку анбару анбар фуруш нест
حاجت به مشک و عنبر و عنبر فروش نیست
Аз зулфи машки бори ту олам муаттар аст
از زلف مشکبار تو عالم معطر است
эй турраи нави фитнау болои ту бало
ای طره نو فتنه و بالای تو بلا
Срўчгли ғъзоли хутани оҳӯии хто
سروچگل غعزال ختن آهوی ختا
Пардаи зи рухи бунаи гиреҳ аз зулфи бргшо
پرده ز رخ بنه گره از زلف برگشا
Бо корвон ҳинд бигӯ эй сабои мё
با کاروان هند بگو ای صبا میا
Конҷо ки ин лист чаҳ ҳоҷат ба шукр аст
کانجا که این لیست چه حاجت به شکر است
Рӯзӣ ки шуд хаёли бкўии ту раҳбарам
روزی که شد خیال بکوی تو رهبرم
Афканди орзӯӣ кам ва беш аз серум
افکند آرزوی کم و بیش از سرم
Аз ҳимматат ба айни гадои тавонгарам
از همتت به عین گدایی توانگرم
Дар интизори онкӣ дар оӣии ту аз дирам
در انتظار آنکه در آئی تو از درم
Чашми басони ҳалқаи шабу рӯз бар дар аст
چشم بسان حلقه شب و روز بر در است
То чанд мурғи ҷон ба нафаси бол ва пар занад
تا چند مرغ جان به نفس بال و پر زند
Ҳар лаҳзаи нақши тозау ранг дигар занад
هر لحظه نقش تازه و رنگ دگر زند
То кӣ гул аз висоли ту охир басар занад
تا کی گل از وصال تو آخر بسر زند
Хуршед агар муқобил рӯй ту сар занад
خورشید اگر مقابل روی تو سر زند
Равшан шавад ба халқ ки аз зарра камтар аст
روشن شود به خلق که از ذره کمتر است
То ҷилваи ҷамоли ту аз баҳри сарнавишт
تا جلوه جمال تو از بهر سرنوشت
Рӯз азал намӯд таҷаллӣ ба хубу зишт
روز ازل نمود تجلی به خوب و زشت
Он як тариқ каъба гирифт ва яке кунишат
آن یک طریق کعبه گرفت و یکی کنشت
Ҳар кас ки дид қадари туро гуфт дар биҳишт
هر کس که دید قدر تو را گفت در بهشت
Он боғи длгшост ки инаш санавбар аст
آن باغ دلگشاست که اینش صنوبر است
То паии ббоғи оризи ту бардааст хулд
تا پی بباغ عارض تو برده است خلد
Чашмаш ба интизори ту андар раҳаст хулд
چشمش به انتظار تو اندر ره است خلد
Бо онкии нури чашми гадо ва шаҳаст хулд
با آنکه نور چشم گدا و شه است خلد
Аз гулшани висоли ту як ғунчааст хулд
از گلشن وصال تو یک غنچه است خلد
Вази бодаи ҷалоли ту як қатра кавсар аст
وز باده جلال تو یک قطره کوثر است
Рӯзӣ ки мурғи ҷони пурд аз ошёни тан
روزی که مرغ جان پرد از آشیان تن
Ҷодри биҳишти қурб ту ҷӯяд на дар чаман
جادر بهشت قرب تو جوید نه در چمن
( сомит ) бмхўони ҳадиси ҷинонро ба гӯши ман
(صامت) بمخوان حدیث جنان را به گوش من
Воъизи дигари зи равза ризвон макун сухан
واعظ دیگر ز روضه رضوان مکن سخن
( моро висоли дӯсти зи фирдавс хуштар аст
(ما را وصال دوست ز فردوس خوشتر است