Қосими зор бо арӯс гуфт ки хуш ба сӯии ту
قاسم زار با عروس گفت که خوش به سوی تو
намекашадам кашони кашони ҷазбаи гуфтугӯии ту
میکشدم کشان کشان جذبه گفتگوی تو
Май рӯм ва намеравад аз дилами орзӯии ту
میروم و نمیرود از دلم آرزوی تو
Ваа ки ба коми душманон давр шудам зи кӯии ту
وه که به کام دشمنان دور شدم ز کوی تو
Бар нагирифта коми дили сайри надида рӯй ту
بر نگرفته کام دل سیر ندیده روی تو
Байн ки амӯии ман зи дили оҳу фиғон ҳаме кашад
بین که عموی من ز دل آه و فغان همی کشد
Дар сафи нинаво чун нолаи чисон ҳаме кашад
در صف نینوا چون ناله چسان همی کشد
Оҳи макаш ки оҳи сарди риштаи ҷон ҳаме кашад
آه مکش که آه سرد رشته جان همیکشد
Бахти сиёҳам аз дарат мӯии кашони ҳамеи код
بخت سیاهم از درت موی کشان همیکد
Оҳ чигуна бгслмрштаҳи ҷони зи мӯии ту
آه چگونه بگسلمرشته جان ز موی تو
Рафтаму оташ ғамат монад ба синаи муштаал
رفتم و آتش غمت ماند به سینه مشتعل
Дасти муроди кӯтаҳу пои умеди мунфаил
دست مراد کوته و پای امید منفعل
Аз пас марг сар занад гргли ҳасратами гул
از پس مرگ سر زند گرگل حسرتم گل
Бе ту чисони зи буии гул тоза кунам машоми дил
بیتو چسان ز بوی گل تازه کنم مشام دل
Хор ки нест дар ҷаҳони ҳеҷ гулӣ ба буии ту
خار که نیست در جهان هیچ گلی به بوی تو
Гуфт арӯси бенаво бо лаби хушку чашм тар
گفت عروس بینوا با لب خشک و چشم تر
Чандам аз ин сухани зании тири фироқ бар ҷигар
چندم از این سخن زنی تیر فراق بر جگر
Сӯхтан ва намекунад бар дилати оҳи ман асар
سوختن و نمیکند بر دلت آه من اثر
Хуй ту нест дар малики халқ ту нест дар башар
خوی تو نیست در ملک خلق تو نیست در بشر
эй малику башари ҳамаи бандаи халқу хуии ту
ای ملک و بشر همه بنده خلق و خوی تو
Рафтӣу бастӣ аз ман эй тозаи ҷавон дигар назар
رفتی و بستی از من ای تازه جوان دگر نظر
Буд сиёҳи рӯзи ман баъд ту шуд сиёҳ тар
بود سیاه روز من بعد تو شد سیاهتر
Пас чаҳ кунам зи доғи ту гар накунам сияҳи бсир
پس چه کنم ز داغ تو گر نکنم سیه بسیر
Чун рӯм аз ҷаҳони бадари хоми ғами ту дар ҷигар
چون روم از جهان بدر خام غم تو در جگر
НшкФд ар мазори ман ҷузи гули орзӯии ту
نشکفد ار مزار من جز گل آرزوی تو
Шӯри мухолифӣн бпо бингар ва эҳтироз кун
شور مخالفین بپا بنگر و احتراز کن
Пои з Ироқён бикаш рӯ ба сӯй ҳиҷоз кун
پا ز عراقیان بکش رو به سوی حجاز کن
ё биншин зи марҳамати ҳамраҳи дӯст роз кун
یا بنشین ز مرحمت همره دوست راز کن
эй гули тозаи як нафаси пардаи зи чеҳра боз кун
ای گل تازه یک نفس پرده ز چهره باز کن
То нафасӣ баровард булбули базлаи гӯии ту
تا نفسی برآورد بلبل بذله گوی تو
эй писарамӯии ман чанд кунӣ мушаввашам ?
ای پسرعموی من چند کنی مشوشم؟
зи ашки ду чашму оҳи дили ғарқа ба обу оташам
ز اشک دو چشم و آه دل غرقه به آب و آتشم
( сомит ) аз ин мисқоли ту сӯхтаму бад-ӣни хушам
(صامت) از این مثقال تو سوختم و بدین خوشم
Пой агар чу муҳташам аз раҳи бандагии кашам
پای اگر چو محتشم از ره بندگی کشم
Ба ки ба зиндагии кашами пои зи ҳарими кӯии ту
به که به زندگی کشم پا ز حریم کوی تو