То кӣ з ҳар касе зи паии сими бими мо
تا کی ز هر کسی ز پی سیم بیم ما
Вази бим сим гашта надомати надими мо
وز بیم سیم گشته ندامت ندیم ما
То ҳаст сим бо мо бимаст ёр ӯ
تا هست سیم با ما بیمست یار او
Чун сим рафт аз пай ӯ рафт бими мо
چون سیم رفت از پی او رفت بیم ما
Оянд ҳар ду боҳам ва ҳар ду баҳами раванд
آیند هر دو باهم و هر دو بهم روند
Гӯйӣ бародаранд баҳами симу бими мо
گویی برادرند بهم سیم و بیم ما
эй онкии мФлсисти балои азими ту
ای آنکه مفلسیست بلای عظیم تو
Симаст виҳки асли балои азими мо
سیمست ویحک اصل بلای عظیم ما
Беҳтар бидон ки ҳаст таманнои ту маҳол
بهتر بدان که هست تمنای تو محال
Симаст гӯйии асли нишоту Наими мо
سیمست گویی اصل نشاط و نعیم ما
Гар мо ҳама сиёҳ гилӣмем турфа нест
گر ما همه سیاه گلیمیم طرفه نیست
Сим сипед карда сиёҳи ин гилӣми мо
سیم سپید کرده سیاه این گلیم ما
эй аз Наим карда либоси худ аз нсиҷ
ای از نعیم کرده لباس خود از نسیج
Ҳон то з рӯй кибр набошӣ надими мо
هان تا ز روی کبر نباشی ندیم ما
Гар огаҳии зи кор ва гарна шикоятаст
گر آگهی ز کار و گرنه شکایتست
Ин далқи пораи порау тасбеҳи ним мо
این دلق پاره پاره و تسبیح نیم ما
Гӯйии бараҳнаи поён бар ман ҳасад баранд
گویی برهنه پایان بر من حسد برند
Ҳар гуҳ ки бингаранд ба кафши адими мо
هر گه که بنگرند به کفش ادیم ما
Дар ҳасрати насими сбоиим эй басо
در حسرت نسیم صباییم ای بسا
Корди сабои насим ва наёрад насими мо
کآرد صبا نسیم و نیارد نسیم ما
Имрӯз хуфтаем чу асҳоби Каҳф лек
امروز خفتهایم چو اصحاب کهف لیک
Фардои з гӯр бошад « Каҳф » ва « рқим » мо
فردا ز گور باشد «کهف» و «رقیم» ما
Олам чу манзиласт ва хилоиқ мусофиранд
عالم چو منزلست و خلایق مسافرند
Дар вай музаввараст мақому муқӣми мо
در وی مزورست مقام و مقیم ما
Ҳаст ин ҷаҳон чу тими фалаки ҳамчу тим бидор
هست این جهان چو تیم فلک همچو تیم بدار
Мо ғаллаи дори озу амли ҳам қасими мо
ما غلهدار آز و امل هم قسیم ما
Тимори тими доштан аз мо ҳамоқатаст
تیمار تیم داشتن از ما حماقتست
Тимор дорад онкӣ ба мо дод тими мо
تیمار دارد آنکه به ما داد تیم ما
Мо аз замонаи умру бақо вом карда ем
ما از زمانه عمر و بقا وام کردهایم
эй вои мо ки ҳаст замона ғурем мо
ای وای ما که هست زمانه غریم ما
Дар васфи ин замона нопойдор шавам
در وصف این زمانهٔ ناپایدار شوم
Бишинав ки мухтасар мислӣ зад ҳакими мо
بشنو که مختصر مثلی زد حکیم ما
Гуфто : замонаи моро монанди дояи ист
گفتا: زمانه ما را مانند دایهایست
Баста дару умеди рзиъу Фтими мо
بسته در و امید رضیع و فطیم ما
Чун муддатӣ барояд бар мо аду шавад
چون مدتی برآید بر ما عدو شود
Аз баъди онкӣ буд садиқу ҳмими мо
از بعد آنکه بود صدیق و حمیم ما
Гирданд ӯ ба дасти шабу рӯзу моҳу сол
گرداند او به دست شب و روز و ماه و سال
Чун доли мунҳании алифи мустақӣми мо
چون دال منحنی الف مستقیم ما
зи аввал ба меҳри дили ҳамаро ӯ ба пурвирд
ز اول به مهر دل همه را او به پرورد
Монанди модарони шафиқу раҳими мо
مانند مادران شفیق و رحیم ما
Он гуҳи фурӯи барад ба замин бе ҷиноятӣ
آن گه فرو برد به زمین بیجنایتی
Ин қомати муқаввиму ҷисми ҷсими мо
این قامت مقوم و جسم جسیم ما
Ин муфтахар ба ҳишмату таъзиму рои хеш
این مفتخر به حشمت و تعظیم و رای خویش
Ёди ори зери хок изом Ромем мо
یاد آر زیر خاک عظام رمیم ما
Пайвастаи пеши чашми ҳамеи дор анқариб
پیوسته پیش چشم همی دار عنقریب
Андомҳои кӯфта чун ҳшими мо
اندامهای کوفتهٔ چون هشیم ما
Гӯйии сафеҳ буд фалон шояд ар бамурд
گویی سفیه بود فلان شاید ار بمرد
Чун он сафеҳ мард намирад ҳакими мо
چون آن سفیه مرد نمیرد حکیم ما
Мо зери хоки хуфтау мироси хори мо
ما زیر خاک خفته و میراثخوار ما
Дода ба боди хирманҳои қадими мо
داده به باد خرمنهای قدیم ما
Гӯйии зи баъди мо чаҳ кунанду куҷои раванд
گویی ز بعد ما چه کنند و کجا روند
Фрзндкону духтаракони ятеми мо
فرزندکان و دخترکان یتیم ما
Худ ёди новарӣ ки чаҳ карданд ва чун шуданд
خود یاد ناوری که چه کردند و چون شدند
Он модарон ва он падарони қадими мо
آن مادران و آن پدران قدیم ما
Шуд ақли мо ақими зи бас бо тағофулем
شد عقل ما عقیم ز بس با تغافلیم
Фарёди азбни тағофулу ақли ақими мо
فریاد ازبن تغافل و عقل عقیم ما
Пиндор каз таваллуди ақли сети ломҳол
پندار کز تولد عقلست لامحال
Ин турфа бингаред ба нафаси лӣими мо
این طرفه بنگرید به نفس لئیم ما
Гар ҷинат ва ҷҳим надидӣ бибин ки ҳаст
گر جنت و جحیم ندیدی ببین که هست
Шуғлу фироқи ҷинати моу ҷҳими мо
شغل و فراغ جنت ما و جحیم ما
Райҳони рӯҳи мо чу фироқасту фориғӣ
ریحان روح ما چو فراغست و فارغی
Мшғўлисту шуғл азоб ?илем мо
مشغولیست و شغل عذاب الیم ما
Саргашта шуд сенае ёрб ту раҳ намой
سرگشته شد سنایی یارب تو رهنمای
эй раҳнамои халқу худои алӣами мо
ای رهنمای خلق و خدای علیم ما
Моро агар чаҳ змимсти ту мгир
ما را اگر چه ذمیمست تو مگیر
Ёрб ба фазли хеш ба феъли змими мо
یارب به فضل خویش به فعل ذمیم ما
Зафари зафари ту низ макун дар ънои марг
ظفر ظفر تو نیز مکن در عنای مرگ
Бар қаҳру рҷми нафаси зи деви раҷими мо
بر قهر و رجم نفس ز دیو رجیم ما