Ошиқонати сӯии ту тӯҳфа агар ҷони оранд
عاشقانت سوی تو تحفه اگر جان آرند
Ба сари ту ки ҳамеи зера ба Кирмони оранд
به سر تو که همی زیره به کرمان آرند
Вари хирад бар ту фишонанд ҳамеи дон ки ҳаме
ور خرد بر تو فشانند همیدان که همی
Арақи санги сӯии чашмаи ҳайвони оранд
عرق سنگ سوی چشمهٔ حیوان آرند
Вари дилу дайн ба ту оранд аҷаб набӯд аз онк
ور دل و دین به تو آرند عجب نبود از آنک
Рахти хрбндаҳ ба бунгоҳи штрбони оранд
رخت خربنده به بنگاه شتربان آرند
Ҳар чаҳ ҳастӣаст ҳамаи малики лабу хол ту анд
هر چه هستیست همه ملک لب و خال تو اند
Чист кон нест туро ? то сӯии ту он оранд
چیست کان نیست ترا؟ تا سوی تو آن آرند
Нӯки мижгонати баҳри лаҳзаи ҳаме дар раҳи ишқ
نوک مژگانت بهر لحظه همی در ره عشق
Одами кофару Иблиси мусулмони оранд
آدم کافر و ابلیس مسلمان آرند
Чинаи доми лабони ту замон то ба замон
چینهٔ دام لبان تو زمان تا به زمان
Рӯҳро аз қафаси сидра ба меҳмони оранд
روح را از قفس سدره به مهمان آرند
Зулфу холати зи паии тарбияти фитнаи мо
زلف و خالت ز پی تربیت فتنهٔ ما
Ақлро коҷи занон бар дар зиндони оранд
عقل را کاج زنان بر در زندان آرند
Чшмҳомони зи паии тақвияти ҳасани ту боз
چشمهامان ز پی تقویت حسن تو باز
Фитнаро рақси кунон дар қафаси ҷони оранд
فتنه را رقصکنان در قفس جان آرند
Тӯбоу сидра ба боғи ту ва пас муштии хас
طوبی و سدره به باغ تو و پس مشتی خس
Дастаи маҷлиси ту хори муғелони оранд
دستهٔ مجلس تو خار مغیلان آرند
Ҳадяи шан рад макун ингор ки пои малахӣ
هدیهشان رد مکن انگار که پای ملخی
Гилаи мӯри ҳамеи пеши сулаймони оранд
گلهٔ مور همی پیش سلیمان آرند
Хокпои ту агар дидаи сӯии рӯҳи барад
خاکپای تو اگر دیده سوی روح برد
Рӯҳи пиндорад каз хулд ҳаме хон оранд
روح پندارد کز خلد همی خوان آرند
Аз паии чашми бадв чашм накӯй ту ҳаме
از پی چشم بدو چشم نکوی تو همی
Мардумони мардумаки дида ба қурбони оранд
مردمان مردمک دیده به قربان آرند
Бӯстон аз хаҷалӣ пӯст биндозад аз онк
بوستان از خجلی پوست بیندازد از آنک
Сӯрат рӯй ту дар дидаи бустони оранд
صورت روی تو در دیدهٔ بستان آرند
Ошиқон аз хами зулфи ту чаҳ диданд ҳануз
عاشقان از خم زلف تو چه دیدند هنوز
Бош то тоб дар он зулфи парешони оранд
باش تا تاب در آن زلف پریشان آرند
Бош то салтанату кибри ту муштии дун ро
باش تا سلطنت و کبر تو مشتی دون را
Аз дар дайн ба ҳаваси хонаи шайтони оранд
از در دین به هوس خانهٔ شیطان آرند
Бош то хори сари кӯии турои наргиси вор
باش تا خار سر کوی ترا نرگسوار
Даста банданду сӯии маҷлиси султони оранд
دسته بندند و سوی مجلس سلطان آرند
эй басои бех ки дар чину хутан канда шавад
ای بسا بیخ که در چین و ختن کنده شود
То чу ту меҳри гиёҳӣ ба хуросони оранд
تا چو تو مهر گیاهی به خراسان آرند
Бош то хати биногвашу хами зулфи ту боз
باش تا خط بناگوش و خم زلف تو باز
Ақлро гӯши гирифта ба дабистони оранд
عقل را گوش گرفته به دبستان آرند
Кӣ ба осонии ушшоқи зи дастати бидиҳанд
کی به آسانی عشاق ز دستت بدهند
Ки на дар дасти ҳаме чун туе осони оранд
که نه در دست همی چون تویی آسان آرند
Ақди парвини бхмд чун дами ақраб дар ҳол
عقد پروین بخمد چون دم عقرب در حال
Чун сухан зон ду радаи лўлўи марҷони оранд
چون سخن زان دو رده لولو مرجان آرند
Кофарони гмраҳ аз онанд ки дар зулф тавонад
کافران گمره از آنند که در زلف تواند
Як раҳи он зулфи бабр то ҳамаи имони оранд
یک ره آن زلف ببُر تا همه ایمان آرند
Як раҳи он пардаи барандоз ки то муштии Тифл
یک ره آن پرده برانداز که تا مشتی طفل
Рахти ҷони сӯии саропардаи қуръони оранд
رخت جان سوی سراپردهٔ قرآن آرند
Ҳрдм аз ғайрати ёрии ту аҷроми сипеҳр
هردم از غیرت یاری تو اجرام سپهر
Бар сенаеи ғаму андӯҳи фаровони оранд
بر سنایی غم و اندوه فراوان آرند
Ҳар замони лаъл ва дару сарву бунафшаи ту ҳаме
هر زمان لعل و در و سرو و بنفشهٔ تو همی
Дилу дайну хираду сабр дигар сони оранд
دل و دین و خرد و صبر دگر سان آرند
Худ чу парвин ки мау меҳри ҳамеи саҷдаи ишқ
خود چو پروین که مه و مهر همی سجدهٔ عشق
Сари дандони туро аз бен дандони оранд
سر دندان ترا از بن دندان آرند
Қадар чавгонат ндонанд аз он хомӣ чанд
قدر چوگانت ندانند از آن خامی چند
Бош то сӯхтагони гӯй ба майдони оранд
باش تا سوختگان گوی به میدان آرند
Шакли дандону сари зулфи ту зўдо ки бар ӯ
شکل دندان و سر زلف تو زودا که بر او
Син ва навену алиф ва ё ҳамаи товони оранд
سین و نون و الف و یا همه تاوان آرند