Он каждуми зулфи ту ки зад бар дили ман неш

آن کژدم زلف تو که زد بر دل من نیش

Аз зарбати он захми дили нозуки ман риш

از ضربت آن زخم دل نازک من ریش

Онҷо ки буд анҷумани лашгари хубон

آنجا که بود انجمن لشگر خوبان

Номи ту буд аввалу пои ту буд пеш

نام تو بود اول و پای تو بود پیش

Бингар ки ҳаме бо ман ва бо ту Чехияанд чарх

بنگر که همی با من و با تو چکند چرخ

Бар ҳар ду ҳаме чун шимурди макру фани хеш

بر هر دو همی چون شمرد مکر و فن خویش

Ҳар шаб ки кунад ишқи шикебеи ман кам

هر شب که کند عشق شکیبایی من کم

Ҳам дар гузарад хӯбӣу зебои ту беш

هم در گذرد خوبی و زیبایی تو بیش

эй рӯй ту қорун шуда аз ҳасану малоҳат

ای روی تو قارون شده از حسن و ملاحت

Аз ҳиҷри ту қорунам ва аз васли ту дарвеш

از هجر تو قارونم و از وصل تو درویش

Худ чун буд охир ба ғами ҳиҷри гирифтор

خود چون بود آخر به غم هجر گرفتار

Он кас ки ба аввал набӯд офияти андеш

آن کس که به اول نبود عافیت اندیش