Ало эй соқии дилбари мадор аз май тиҳии дастам
الا ای ساقی دلبر مدار از می تهی دستم
Ки ман дилро дигарбора ба дом ишқ барбастам
که من دل را دگرباره به دام عشق بربستم
Марои фасли баҳори нав ба рӯй оварад кори нав
مرا فصل بهار نو به روی آورد کار نو
Дилами брбўди ёр нав бишуд кори ман аз дастам
دلم بربود یار نو بشد کار من از دستم
Агар чаҳ дил ба нодонӣ ба ӯ додам ба осонӣ
اگر چه دل به نادانی به او دادم به آسانی
Надорам зи он пушаймонӣ ки бо ӯ меҳри пайвастам
ندارم ز آن پشیمانی که با او مهر پیوستم
Чу рӯй хуб ӯ дидам зи хубон меҳр бибаредам
چو روی خوب او دیدم ز خوبان مهر ببریدم
зи ҷавраши пардаи бдридми зи ишқаш тавба бишикастам
ز جورش پرده بدریدم ز عشقش توبه بشکستم
Чу бории зини ҳаваси даврӣ чу ман донам на ранҷурӣ
چو باری زین هوس دوری چو من دانم نه رنجوری
Ба ман даҳ бодаи сӯрии магари як раҳ кунӣ мастам
به من ده بادهٔ سوری مگر یک ره کنی مستم
Кунун аз бода паймудан нахоҳам як дами осўдн
کنون از باده پیمودن نخواهم یک دم آسودن
Ки натавон ҷузи чунин бӯдан дарин савдо ки ман ҳастам
که نتوان جز چنین بودن درین سودا که من هستم