Мо қади турои бандатар аз сарв равонем
ما قد ترا بندهتر از سرو روانیم
Мо хади турои сғбаҳтар аз ақл ва равонем
ما خد ترا سغبهتر از عقل و روانیم
Бе рӯй ту лаби хушктар аз пайкар тирем
بی روی تو لب خشکتر از پیکر تیریم
Бо мӯии ту дили тиратар аз нақш камонем
با موی تو دل تیرهتر از نقش کمانیم
Беруни зи руху зулфи ту мо қибла надорем
بیرون ز رخ و زلف تو ما قبله نداریم
Беш аз лақабу номи ту тавҳид нахонем
بیش از لقب و نام تو توحید نخوانیم
Дар раҳи равиши ақли ту мо кеҳтар ақлем
در ره روش عقل تو ما کهتر عقلیم
Вази парвариши лафзи ту мо меҳтар ҷонем
وز پرورش لفظ تو ما مهتر جانیم
Аз тақвияти ҷазаъ ту хирадем ва бузургем
از تقویت جزع تو خردیم و بزرگیم
Вази тарбияти ақл ту перем ва ҷавонем
وز تربیت عقل تو پیریم و جوانیم
Дар кӯии умеди туу андари раҳи имон
در کوی امید تو و اندر ره ایمان
Аз нестӣ ва ҳастӣ бар баста миёнем
از نیستی و هستی بر بسته میانیم
Як бори барандози ниқоб аз рухи рангин
یک بار برانداز نقاب از رخ رنگین
То дил ба ту бахшему хирад бар ту фишонем
تا دل به تو بخشیم و خرد بر تو فشانیم
Ваз низ дарин пардаи ҷамоли ту бубинем
وز نیز درین پرده جمال تو ببینیم
Шояд ки бар умеди ту ин моя тавонем
شاید که بر امید تو این مایه توانیم
Гар зи оташи ишқи ту чу шамъ аз раҳи таҳқиқ
گر ز آتش عشق تو چو شمع از ره تحقیق
Сӯзем ҳамеи хуши хуш то ҳеҷ намонем
سوزیم همی خوش خوش تا هیچ نمانیم
То аз рух чун рӯзи ту бе воситаи касб
تا از رخ چون روز تو بی واسطهٔ کسب
Чун моҳи зи хуршеди фалак моя ситонем
چون ماه ز خورشید فلک مایه ستانیم
Моро ғараз аз хизмати ту ҷузи лаб ту нест
ما را غرض از خدمت تو جز لب تو نیست
На дар пай ҷонем на дар банд ҷаҳонем
نه در پی جانیم نه در بند جهانیم
Шояд ки шабу рӯзи ҳамаи мадҳ ту гӯйем
شاید که شب و روز همه مدح تو گوییم
Дар номаи иқболи ҳамаи ном ту хонем
در نامهٔ اقبال همه نام تو خوانیم
Зон бода ки хоҷа аз кафи иқбол ту хӯрдаст
زان باده که خواجه از کف اقبال تو خوردست
Дардаи ту сенаеро чун куштаи онем
درده تو سنایی را چون کشتهٔ آنیم
Фархундаи ҳакимӣ ки дар иқлӣми сенае
فرخنده حکیمی که در اقلیم سنایی
Бигузашт зи андозаи хӯбӣ ва ндонем
بگذشت ز اندازهٔ خوبی و ندانیم