Неи не ба азин бояд бо дӯсти вафо кардан
نی نی به ازین باید با دوست وفا کردن
ё не кам азин бояд оҳанги ҷафо кардан
یا نی کم ازین باید آهنگ جفا کردن
ё зишт буд гӯйӣ дар кеши нкўрўён
یا زشت بود گویی در کیش نکورویان
Як аҳд ба сари бурдани як қавли вафо кардан
یک عهد به سر بردن یک قول وفا کردن
Ҳам гуфтан ва ҳам кардан аз сӯхтагон ояд
هم گفتن و هم کردن از سوختگان آید
Боз аз чаҳ шумо хомони ногуфтан ва нокардан
باز از چه شما خامان ناگفتن و ناکردن
Бовар накунам қавлат зеро ки туро дар дил
باور نکنم قولت زیرا که تو را در دل
Як бодия раҳ фарқаст аз гуфтан то кардан
یک بادیه ره فرقست از گفتن تا کردن
Ҳосил набӯд касро аз ишқи ту дар дунё
حاصل نبود کس را از عشق تو در دنیا
Ҷузи номаи сияҳ кардани ҷузи умри ҳбо кардан
جز نامه سیه کردن جز عمر هبا کردن
Худ ёд надорад кас аз зулфи туу чашмат
خود یاد ندارد کس از زلف تو و چشمت
Як тори ато додан як тири хато кардан
یک تار عطا دادن یک تیر خطا کردن
Аз блтмъӣ то кӣ бӯсӣ ба раҳе додан
از بلطمعی تا کی بوسی به رهی دادن؟
Вази булъаҷабӣ то кӣ гӯшӣ ба риё кардан
وز بلعجبی تا کی گوشی به ریا کردن؟
То чанд ба таррории моро ба забону дил
تا چند به طراری ما را به زبان و دل
Як бораи балии гуфтани сад бораи бало кардан
یک باره بلی گفتن صد باره بلا کردن؟
То чанд ба чолокии моро ба қабулу рад
تا چند به چالاکی ما را به قبول و رد
Як моҳи раҳеи хондани яксоли раҳо кардан
یک ماه رهی خواندن یک سال رها کردن؟
Гар фӯт шавад рӯзии бади аҳдии як рӯза
گر فوت شود روزی بد عهدی یک روزه
Воҷиби шимурӣ ӯро чун фарзи қазо кардан
واجب شمری او را چون فرض قضا کردن
Гар бӯсае андешам бар хоки сари Кувайт
گر بوسهای اندیشم بر خاک سر کویت
Сад шаҳри тамаъи дорӣ дар вақти баҳо кардан
صد شهر طمع داری در وقت بها کردن
Дар маҷмаъи бути рӯйони ту бӯсаи дареғии худ
در مجمع بترویان تو بوسهدریغی خود
ё расм батон набӯд аз бӯсаи сахо кардан
یا رسم بتان نبود از بوسه سخا کردن
ё хуб набояд шуд то ҳам ту раҳеи ҳам мо
یا خوب نباید شد تا هم تو رهی هم ما
Варна чу шудӣ бории хӯбӣ ба сазо кардан
ورنه چو شدی باری خوبی به سزا کردن
ё фитна набояд шуд то кас нашавад фитна
یا فتنه نباید شد تا کس نشود فتنه
Варна чу шудӣ ҷонои ин қоидаи но кардан
ورنه چو شدی جانا این قاعده نا کردن
Ҳар лаҳзаи яке дунро сад « толи бақо » гӯйӣ
هر لحظه یکی دون را صد «طال بقا» گویی
Зишон чаҳ ба кафи дории зин « толи бақо » кардан
زیشان چه به کف داری زین «طال بقا» کردن؟
Чун ҳаст сенаеро иқболу сена аз ту
چون هست سنایی را اقبال و سنا از تو
Воҷиб набӯд ӯро маҳҷӯри сена кардан
واجب نبود او را مهجور سنا کردن
Бо ин адабу ҳурмати ҳқо ки раво набӯд
با این ادب و حرمت حقا که روا نبود
Савдои шумо пухтани сафрои шумо кардан
سودای شما پختن صفرای شما کردن