Тонигор ман зи маҳфили пой дар маҳмили ниҳод
تا نگار من ز محفل پای در محمل نهاد
Доғи ҳасрати ошиқонро сар ба сар бар дили ниҳод
داغ حسرت عاشقان را سر به سر بر دل نهاد
Дилбарон бедил шуданд зонгаҳ ки ӯ барбаст бор
دلبران بی دل شدند زان گه که او بربست بار
Ошиқон доданд ҷон чун пой дар маҳмили ниҳод
عاشقان دادند جان چون پای در محمل نهاد
Рӯзи ман чун тираи зулфаши гашт аз ҳиҷрон ӯ
روز من چون تیره زلفش گشت از هجران او
Чун бидидам кони ғуломаши рахт бар бозули ниҳод
چون بدیدم کآن غلامش رخت بر بازل نهاد
Зон ҷамоли ҳамчуи моҳаш ҳар чаҳ буд аз тираи шаб
زان جمال همچو ماهش هر چه بود از تیرهشب
Шуд ҳазимат чуннигорам рухи сӯии манзили ниҳод
شد هزیمت چون نگارم رخ سوی منزل نهاد
Зоби чашми ошиқони он роҳ шуд пари обу гул
زآب چشمِ عاشقان آن راه شد پر آب و گل
То ба манзил норамед ӯ гоми худ дар гули ниҳод
تا به منزل نارمید او گام خود در گل نهاد
Роҳ ӯ пари гул ҳаме шуд каз фироқи худ ҳаме
راه او پر گل همی شد کز فراق خود همی
Дар ду дидаи олимӣ аз ишқи худ плпли ниҳод
در دو دیده عالمی از عشق خود پلپل نهاد
Чокар аз ғами дили з меҳрат барграфт аз баҳри онк
چاکر از غم دل ز مهرت برگرفت از بهر آنک
Бо асили алмалики хоҷаи асъади мқбли ниҳод
با اصیل الملک خواجه اسعد مقبل نهاد