То кӣ кунам аз турраи ту фарёд

تا کی کنم از طرهٔ تو فریاد

То кӣ кашам аз ғамзаи ту бедод

تا کی کشم از غمزهٔ تو بیداد

Як шаҳри зану марди ҳаме боз ндонанд

یک شهر زن و مرد همی باز ندانند

Фарёди ман аз хандау бедоди ту аз дод

فریاد من از خنده و بیداد تو از داد

Он рӯз ки зулфин нигун ту бидиданд

آن روز که زلفین نگون تو بدیدند

Гаштанди турои банда чу ман бандау озод

گشتند ترا بنده چو من بنده و آزاد

Ҳушёр нашуд ҳар ки зи гуфтор ту шуд маст

هشیار نشد هر که ز گفتار تو شد مست

Ғамнок нашуд ҳар ки зи дидор ту шуд шод

غمناک نشد هر که ز دیدار تو شد شاد

Ман бо рух чун лола ва бо ориз чун машк

من با رخ چون لاله و با عارض چون مشک

Бо қомат чун тири зи васл ту кунам ёд

با قامت چون تیر ز وصل تو کنم یاد

Ту зар кунӣ аз лола ва кофур кунӣ машк

تو زر کنی از لاله و کافور کنی مشک

Чавгон кунӣ аз тири зиҳии ҷодӯии устод

چوگان کنی از تیر زهی جادوی استاد

Вайрон кунӣ он дил ки даравсозӣ манзил

ویران کنی آن دل که درو سازی منزل

Ҳаргиз нагузорӣ ки буд манзалати обод

هرگز نگذاری که بود منزلت آباد

эй манзил ту гашта зи ошӯби ту вайрон

ای منزل تو گشته ز آشوب تو ویران

Он шаҳр казу хостии ободи ҳамеи бод

آن شهر کزو خاستی آباد همی باد

Ҷайҳун шудаи чашми ман аз он зулфи самани со

جیحون شده چشم من از آن زلف سمن سا

Бар бод шудаи зулфи ту аз қомати шамшод

بر باد شده زلف تو از قامت شمشاد

Машҳур ҷаҳон гашта сенаеи зи ғами ту

مشهور جهان گشته سنایی ز غم تو

Аз рӯй чу хуршеди ту эй турфаи Бағдод

از روی چو خورشید تو ای طرفهٔ بغداد

Ту моя хӯбӣ шудӣ эй мояи хубон

تو مایهٔ خوبی شدی ای مایهٔ خوبان

Афганда дарин хастаи дилами ишқи ту бунёд

افگنده درین خسته دلم عشق تو بنیاد

Сад раҳмат ва сад шодӣ бар ҷони ту эй бут

صد رحمت و صد شادی بر جان تو ای بت

Модар ки турои зод бар ӯ низ дуои бод

مادر که ترا زاد بر او نیز دعا باد

Хониш
шморҳ 92 — ъндлӣб