намедонад магари онкаси мурод аз кашф ҳол ояд
نمیداند مگر آنکس مراد از کشف حال آید
Ки кашфи ҳолро дар ҳол беҳоле завол ояд
که کشف حال را در حال بیحالی زوال آید
Заволи ҳол он бошад камоли ҳол бе ҳолон
زوال حال آن باشد کمال حال بیحالان
Ки даргоҳи заволи ҳол беҳолон маҷол ояд
که درگاه زوال حال بیحالان مجال آید
Агар чаҳ ҳар ки дар кӯй ҳудо бошад ба шаръи андар
اگر چه هر که در کوی هدی باشد به شرع اندر
Чу дар кӯл ҷалол ояд ҳамаи хеш ҷалол ояд
چو در کول جلال آید همه خویش جلال آید
зи ҳол онгаҳ шавад софии дили бдҳоли мардӣ ро
ز حال آنگه شود صافی دل بدحال مردی را
Ки аз кӯии ҳудо беҳол дар кӯй залол ояд
که از کوی هدی بیحال در کوی ضلال آید
Ниҳон гаштаст ҳоли кашф дар дилҳои муштоқон
نهان گشتست حال کشف در دلهای مشتاقان
Ту овозӣ бар ор аз дили чунон дил каз хаёл ояд
تو آوازی بر آر از دل چنان دل کز خیال آید
Ба ҷомии узр яксон шуд сенаеро ба ҳар ҳоле
به جامی عذر یکسان شد سنایی را به هر حالی
зи талхии айш ӯ доими ҳамеи буи зулол ояд
ز تلخی عیش او دایم همی بوی زلال آید