Аввали халал эй хоҷаи туро дар амл ояд

اول خلل ای خواجه ترا در امل آید

Фардо ки ба пеши ту расӯл аҷал ояд

فردا که به پیش تو رسول اجل آید

Зоил шудаи гири ӣнҳамаи малик ба як бор

زایل شده گیر اینهمهٔ ملک به یک بار

Он дам ки расӯли малики лам изл ояд

آن دم که رسول ملک لم یزل آید

Ҳар соли яке кох кунӣ дигар ва дар вай

هر سال یکی کاخ کنی دیگر و در وی

Ҳар рӯзи турои орзӯии нав амал ояд

هر روز ترا آرزوی نو عمل آید

Зини кохи бароварда ба Айюқи ҳам имрӯз

زین کاخ برآورده به عیوق هم امروز

Ҳқо ки ҳамеи буии русум ва тлл ояд

حقا که همی بوی رسوم و طلل آید

Шодӣу ғамати зи аблаҳӣу ҳирси фаровон

شادی و غمت ز ابلهی و حرص فراوان

Доими зи нуҷуму зи ҳисоб ҷамал ояд

دایم ز نجوم و ز حساب جمل آید