Ҳарчӣ дорӣ барои ҳақ бигзор
هرچه داری برای حق بگذار
Каз гадоёни зарифтар эсор
کز گدایان ظریفتر ایثار
Ҷону дил базл кун каз обу зи гул
جان و دل بذل کن کز آب و ز گِل
Беҳтар аз ҷўдҳости ҷаҳди мқл
بهتر از جودهاست جهد مُقل
Сайиду сарфарози оли ъабо
سیّد و سرفراز آلِ عبا
Ёфт ташрифи сӯраи ҳилли ?утӣ
یافت تشریف سورة هل اتی
Зон се қурси ҷӯин бе миқдор
زان سه قرص جوین بیمقدار
Ёфт дар пеши ҳақи чунин бозор
یافت در پیش حق چنین بازار
Хез ва бигзор ?данеи дун ро
خیز و بگذار دنیی دون را
То биёбӣ худои бичўн ро
تا بیابی خدای بیچون را
Дармеи садақа аз кафи дарвеш
درمی صدقه از کف درویش
Аз ҳазор тавонгар омад беш
از هزار توانگر آمد بیش
Зонка дарвешро дилӣ риш аст
زانکه درویش را دلی ریش است
Аз дили риши садақа зон беш аст
از دل ریش صدقه زان بیش است
Ба тавонгари ту он нигар ки дилаш
به توانگر تو آن نگر که دلش
Ҳаст торику тираи ҳамчуи гулаш
هست تاریک و تیره همچو گِلش
Гули дарвеши сФўти азлист
گل درویش صفوت ازلیست
Дил ӯ кимиёии лами излист
دل او کیمیای لم یزلیست
Бишинав то чаҳ гуфт фазли ?ала
بشنو تا چه گفت فضل آله
Бо ки гӯям ки нест як ҳамроҳ
با که گویم که نیست یک همراه
Бо шаҳаншоҳу хоҷаи лўлок
با شهنشاه و خواجهٔ لولاک
Гуфт лои тъди анҳуам ъинок
گفت لا تعد عنهم عیناک
Аз тану ҷони ақл ва дил бигузар
از تن و جان عقل و دل بگذر
Дар раҳ ӯ дилӣ ба даст овар
در ره او دلی به دست آور
Сӯрату васф ва айн дармонанд
صورت و وصف و عین درمانند
Он раҳми ин мшимаҳи он фарзанд
آن رحم این مشیمه آن فرزند
Сӯратати пардаи сифот буд
صورتت پردهٔ صفات بود
Сифатати сади айни зот буд
صفتت سدّ عین ذات بود
Ҳарчӣ он нақши илм ва маърифатаст
هرچه آن نقش علم و معرفتست
Дон ки он куфр олам сифатаст
دان که آن کفر عالِم صفتست
Ин чу мисбоҳи равшани андари зот
این چو مصباح روشن اندر ذات
Ваон ду ҳамчуи зҷоҷаҳу машкот
وان دو همچو زجاجه و مشکات
То нагаштӣ дар он гузаргаи танг
تا نگشتی در آن گذرگه تنگ
Бо ду рӯҳӣу лаъибати икрнг
با دو روحی و لعبت یکرنگ
То буд насли одамӣ бар ҷой
تا بُوَد نسل آدمی بر جای
Ҳаст оростаи варои ду сарой
هست آراسته ورا دو سرای
То дар ин хокдон набинад ранҷ
تا در این خاکدان نبیند رنج
Нарасад зон сарой бар сари ганҷ
نرسد زان سرای بر سر گنج
Ин сарой аз барои ранҷу ниёз
این سرای از برای رنج و نیاز
Ваон сарой аз барои неъмату ноз
وان سرای از برای نعمت و ناز
Одамӣ чун ниҳоди сар дар хоб
آدمی چون نهاد سر در خواب
Хайма ӯ шавад гусастаи таноб
خیمهٔ او شود گسسته طناب
Аз ту пурсам ки илму ҳикмату шаръ
از تو پرسم که علم و حکمت و شرع
Вориси оеи ҳаме ба асл ва ба фаръ
وارث آیی همی به اصل و به فرع
Дайни зи сӯрат ҳамеша бигурезад
دین ز صورت همیشه بگریزد
То зи бади мардро бипарҳезад
تا ز بد مرد را بپرهیزد
Як ҷавобам бидиҳ з рӯй савоб
یک جوابم بده ز روی صواب
Гар нае мурда ё нае дар хоб
گر نهای مرده یا نهای در خواب
Чун туро бар ниҳоди худ нафас аст
چون ترا بر نهاد خود نفس است
Аз ту ӯ мари турои иваз на бас аст
از تو او مر ترا عوض نه بس است