Писари мулҷами он саги бади дайн

پسرِ ملجم آن سگ بد دین

Он сазовори лаънату нафрин

آن سزاوار لعنت و نفرین

Бар зании гашти ошиқи он мшӣўм

بر زنی گشت عاشق آن مشئوم

Он нигунсортар зи роҳиби рӯм

آن نگونسارتر ز راهب روم

Марди муфлис чу гашти ошиқ ӯ

مرد مفلس چو گشت عاشق او

Куфр шуд дар миёнаи оиқ ӯ

کفر شد در میانه عایق او

Буд он зи оли бўсФён

بود آن ز آل بوسفیان

Манъаму молдору хубу ҷавон

منعم و مالدار و خوب و جوان

Гашти зини сари Муъовияи огоҳ

گشت زین سر معاویه آگاه

Мари варои гашти кори ҷумлаи табоҳ

مر ورا گشت کار جمله تباه

Гуфт кори ту бо камол шавад

گفت کار تو با کمال شود

Венаи чунин зани туро ҳалол шавад

وین چنین زن ترا حلال شود

Гар ту дар кори хеши шери дилӣ

گر تو در کار خویش شیر دلی

Ҳаст кобӣни ҳураи хӯни алӣ

هست کابین حرّه خون علی

Гар ту фориғ кунӣ дилами зини кор

گر تو فارغ کنی دلم زین کار

БФзўдт ба назд ман миқдор

بفزودت به نزد من مقدار

Зани туро бо ҳазор зинату зеб

زن ترا با هزار زینت و زیب

Нарасонад туро касе осеб

نرساند ترا کسی آسیب

Асбу мураккаби турои даҳуми пас аз он

اسب و مرکب ترا دهم پس از آن

Бузе дар ҷавори ман осон

بزیی در جوار من آسان

Марди мудаббири зи баҳри ишқи занӣ

مرد مُدبر ز بهر عشق زنی

Андари афканд дар ҷаҳони мҳнӣ

اندر افکند در جهان محنی

Он чунон асли ҷаҳлу мнблиӣ

آن چنان اصل جهل و منبلیی

Хира багазед қатл чун алӣӣ

خیره بگزید قتل چون علیی

Рафт зии Кӯфа аз паии ин кор

رفت زی کوفه از پی این کار

Он чунон хоксор бе миқдор

آن چنان خاکسار بی‌مقدار

Ин сухани ҷумла бо алӣ гуфтанд

این سخن جمله با علی گفتند

Венаи чунин фитнаи ҳеҷ ннҳФтнд

وین چنین فتنه هیچ ننهفتند

Қотили тести мардро ту бикаш

قاتلِ تست مرد را تو بکش

Додашон пас ҷавоби мард бааш

دادشان پس جواب مرد بُهش

Гуфт виҳк ба қатли қотили хеш

گفت ویحک به قتلِ قاتل خویش

Кас накардаст саъии рўбндиш

کس نکردست سعی روبندیش

Марди фурсат нигоҳ дошт ба кор

مرد فرصت نگاه داشت به کار

Кард бар феъли зишти худ исрор

کرد بر فعل زشت خود اصرار

Шаб одина рафт дар масҷид

شبِ آدینه رفت در مسجد

Он чунон беҳифозӣ аз сари ҷад

آن چنان بی‌حفاظی از سرِ جد

Рафт вақти саҳари зи баҳри намоз

رفت وقت سحر ز بهر نماز

Мейри ҳайдар чу шуд бихуфта фароз

میر حیدر چو شد بخفته فراز

Мардро хуфта дид гуфт эй мард

مرد را خفته دید گفت ای مرد

Гоҳ рӯзаст баради азин раҳи барад

گاه روز است برد ازین ره برد

Сифла аз хоби хуш чу шуд бедор

سفله از خواب خوش چو شد بیدار

Мутарассид нишаст аз паии кор

مترصّد نشست از پی کار

Мейр чун дар намоз шуд машғӯл

میر چون در نماز شد مشغول

Он сарафрози марди ҷуфти батул

آن سرافراز مرد جفت بتول

Рафту захмӣ чунон задаш бар пушт

رفت و زخمی چنان زدش بر پشت

Ки бидон захми саъб мард бикушт

که بدان زخم صعب مرد بکشت

Мардум аз ҳар сӯе фароз расед

مردم از هر سویی فراز رسید

Парда бар мард бдкнш бадаред

پرده بر مرد بدکُنش بدرید

Бигирифтанд мари варо дар ҳол

بگرفتند مر ورا در حال

Кард азуи мейри захми хӯрдаи савол

کرد ازو میر زخم خورده سؤال

Ки ки фармуд мари турои ин кор

که که فرمود مر ترا این کار

Дод бар лафзи хеши марди иқрор

داد بر لفظ خویش مرد اقرار

Ки марои ин Муъовия фармуд

که مرا این معاویه فرمود

Кор кардам кунун надорад суд

کار کردم کنون ندارد سود

Ҷон бидод он замони алӣ дар ҳол

جان بداد آن زمان علی در حال

Хонадон зон сабаб гирифт завол

خاندان زان سبب گرفت زوال

Мислаи карданд мари варои пас аз он

مثله کردند مر ورا پس از آن

Рафт ҳоляши зии ҷаҳаннами ҷон

رفت حالیش زی جهنّم جان

Вонкаҳ фармуд шодмона бизӣаст

وانکه فرمود شادمانه بزیست

Ин чаҳ ҳукмаст ёрб ин худ чист

این‌چه حکمست یارب این‌خود چیست