Буд дар рӯми булбулу зоғӣ

بود در روم بلبل و زاغی

Ҳар дуро ошиёна дар боғӣ

هر دو را آشیانه در باغی

Зоғ доим бигард боғи дарун

زاغ دایم بگرد باغ درون

намепаридӣ миёни роғи дарун

می‌پریدی میان راغ درون

Булбулаки шод дар гулистонҳо

بلبلک شاد در گلستانها

намезад аз роҳи ишқи дстонҳо

می‌زد از راه عشق دستانها

Зоғро таъна зад ки хуш гӯям

زاغ را طعنه زد که خوش گویم

Зишти рӯе ва ман накӯ рӯем

زشت‌رویی و من نکو رویم

Зоғ ғамгин шуд ва бирафт аз дашт

زاغ غمگین شد و برفت از دشت

Шоди булбул ба ҷой ӯ бинишаст

شاد بلبل به جای او بنشست

Зоғи дилтангу булбулаки дили шод

زاغ دلتنگ و بلبلک دل شاد

Кӯдакӣ рафт ва домкӣ биниҳод

کودکی رفت و دامکی بنهاد

Дар фитоданд ҳардуони ноком

در فتادند هردوان ناکام

Зоғу булбул ба тамаъи дона ба дом

زاغ و بلبل به طمع دانه به دام

Гуфт зоғк ба булбул эй булбул

گفت زاغک به بلبل ای بلبل

Гаштии охири ту сокин аз ғулғул

گشتی آخر تو ساکن از غلغل

Андарин раҳ чаҳ булбуласт ва чаҳ зоғ

اندرین ره چه بلبل است و چه زاغ

Мари фалакро чаҳ машъала чаҳ чароғ

مر فلک را چه مشعله چه چراغ