Он шунидӣ ки умри хитоб
آن شنیدی که عُمّر خطاب
Дид қавмӣ нишаста дар миҳроб
دید قومی نشسته در محراب
Кард аз он қавми мейри адли савол
کرد از آن قوم میر عدل سؤال
Ки кадомед чистатон аҳвол
که کدامید چیستتان احوال
Ҷумла гуфтанд мо рФиқоним
جمله گفتند ما رفیقانیم
Ҳамаи як роҳ ва як триқоним
همه یک راه و یک طریقانیم
Икдгрро бародарон шуда ем
یکدگر را برادران شدهایم
Як дилу ҷон ва як забон шуда ем
یک دل و جان و یک زبان شدهایم
Гуфт умр ки беҳузур дигар
گفت عُمّر که بیحضور دگر
Кӣса икдгр кунед назар
کیسهٔ یکدگر کنید نظر
Сими якдигарон ба харҷ кунед
سیم یکدیگران به خرج کنید
ё ба ҳукми ҳисоб дарҷ кунед
یا به حکم حساب درج کنید
Ҳама гуфтанд зон хеш хӯрем
همه گفتند زانِ خویش خوریم
Вази зару сими ёр бе хабарем
وز زر و سیم یار بیخبریم
Гуфт умр ки кор муҳкам нест
گفت عُمّر که کار محکم نیست
Венаи сухани ҷумларо мусаллам нест
وین سخن جمله را مسلم نیست
Ба дил онгаҳ бародарон бошед
به دل آنگه برادران باشید
Ки зару сими ёри брпошид
که زر و سیم یار برپاشید
Ҳеҷ ноед тағайюрии пайдо
هیچ ناید تغیّری پیدا
Набӯд ғами ҷудоу кӣсаи ҷудо
نبود غم جدا و کیسه جدا
На якеро буд зи моли аФўоҷ
نه یکی را بُودَ ز مال افواج
Ваон дигар кас ба ҷбаҳ эй муҳтоҷ
وان دگر کس به جبّهای محتاج
Ҳамаи яксони тавонгару дарвеш
همه یکسان توانگر و درویش
Ба зару сим ношуда кам ва беш
به زر و سیم ناشده کم و بیش
Пеш аз ин дӯстон чунин буданд
پیش از این دوستان چنین بودند
Каз ғам икдгр нёсуданд
کز غم یکدگر نیاسودند
Ҷони яке будӣ ар бадии тани ду
جان یکی بودی ار بُدی تن دو
Ҳол будӣ якеу маскани ду
حال بودی یکی و مسکن دو
Ин замони дӯстон на зинсонанд
این زمان دوستان نه زینسانند
Ҳама аз бими нони ҳросоннд
همه از بیم نان هراسانند
Ҳарякиро шудааст яктои нон
هریکی را شده است یکتا نان
Меҳтар аз кӯҳи қоф дар мизон
مهتر از کوه قاف در میزان
Ҳамаи нони кӯру ҳуҷраи зодоннд
همه نان کور و حجره زادانند
Риш худ мерайанду шодоннд
ریش خود میریند و شادانند