Бишинав то Абӯҳанифа чаҳ гуфт
بشنو تا ابوحنیفه چه گفت
Сафаи ақли хешро чун рафт
صفّهٔ عقل خویش را چون رُفت
Ки сафеҳӣ чу дод дашномаш
که سفیهی چو داد دشنامش
Гашти хомаши зи гуфтани хомаш
گشت خامش ز گفتن خامش
Гуфт аз ин жож ӯ чаҳ озорам
گفت از این ژاژ او چه آزارم
Ончӣ ӯ гуфт беш бинагорам
آنچه او گفت بیش بنگارم
Гар чунонам башуем он аз худ
گر چنانم بشویم آن از خود
Варнаам бо бадӣ чаҳ гӯям бад
ورنهام با بدی چه گویم بَد
Зу баҳам чунки айб худ ҷӯям
زو بهم چونکه عیب خود جویم
Варна чаҳ ӯ чаҳ ман ки бад гӯям
ورنه چه او چه من که بد گویم
Марди дайни дор ҳамчунин бошад
مرد دیندار همچنین باشد
Каз буруни вази дарунаш дайн бошад
کز برون وز درونش دین باشد
На хирад ҷустан мурод худаст
نه خرد جُستن مراد خودست
Аз ду бад ба гузин кунӣ хирадаст
از دو بد به گزین کنی خردست
Гарчи бо хоми табъи ту нпзд
گرچه با خام طبع تو نپزد
Ту чунон зӣ бирав ки аз ту сазад
تو چنان زی برو که از تو سزد
Гар касе айб ту кунад бишинав
گر کسی عیب تو کند بشنو
Вончаҳ айбаст ҷумлагии бдрў
وآنچه عیبست جملگی بدرو
Боғи дилро ту аз бадӣ кун пок
باغ دل را تو از بدی کن پاک
То барояд ниҳоли ту чолок
تا برآید نهال تو چالاک
Гар кунад айб аз ду берун нест
گر کند عیب از دو بیرون نیست
ё буд ё на бар ду рой моиаст
یا بُوَد یا نه بر دو رای مایست
Гар буд айби он зи худ бдрў
گر بود عیب آن ز خود بدرَو
Вар набошадат он сухан ба ду ҷӯ
ور نباشدت آن سخن به دو جو
Гар ту маъюбӣ он башу аз ҳуш
گر تو معیوبی آن بشو از هوش
Вар нае жож ӯ меар ба гӯш
ور نهای ژاژ او میار به گوش
Халқ агар дар ту хаст ногуҳи хор
خلق اگر در تو خست ناگه خار
Ту гули хеши азуи дареғи мадор
تو گل خویش ازو دریغ مدار
Онкӣ дашном додат аз сари хашм
آنکه دشنام دادت از سرِ خشم
Хок поиш гузин чу серумаи чашм
خاک پایش گزین چو سرمهٔ چشم
Вонкаҳ бад гуфт некуии гӯйиш
وانکه بد گفت نیکویی گویش
Вар наҷуед турои ту май ҷӯяш
ور نجوید ترا تو میجویش
Онкӣ заҳрат диҳад бадви даҳ қанд
آنکه زَهرت دهد بدو ده قند
Вонкаҳ аз ту баради дарави пайванд
وانکه از تو بُرد درو پیوند
Вонкаҳи симати надоди зари бахшиш
وانکه سیمت نداد زر بخشش
Вонкаҳ поят бурид сари бахшиш
وانکه پایت برید سر بخشش
Ҳамаро дар маҳал хеш бидор
همه را در محلّ خویش بدار
Ҳеҷ касро зи хуии бади мозор
هیچکس را ز خوی بد مازار
То буи дар канори васлу фироқ
تا بوی در کنار وصل و فراق
Дафтарӣ аз макорими алохлоқ
دفتری از مکارم الاخلاق
Ҳаст дар дайну малики зулму маҳол
هست در دین و ملک ظلم و محال
Ҳамчу дар ҷисму ҷон ва боу вабол
همچو در جسم و جان و با و وبال