Ман на марди зану зару ҷоҳам
من نه مرد زن و زر و جاهم
Ба худо ар кунам вагар хоҳам
به خدا ار کنم وگر خواهم
Гар ту тоҷии диҳии зи эҳсонам
گر تو تاجی دهی ز احسانم
Ба сари ту ки тоҷи нстонм
به سرِ تو که تاج نستانم
Зонка чун тавқ миннатат бикашам
زانکه چون طوق منّتت بکشم
Луқма хон неъматат начашм
لقمهٔ خوان نعمتت نچشم
Набум баҳри тамаъи мадҳати гӯй
نبوم بهر طمع مدحت گوی
Ин наёбӣ зи ман ҷуз аз ман ҷӯй
این نیابی ز من جز از من جوی
На куҳан хоҳам аз касе ва на нав
نه کهن خواهم از کسی و نه نو
Нек донад зи хуии ман хусрав
نیک داند ز خوی من خسرو
Накунам ҷузи турои санои чаканам
نکنم جز ترا ثنا چکنم
Кор худ кардаам баҳои чаканам
کار خود کردهام بها چکنم
Модари Мӯсоам ки аз шоҳам
مادر موسیم که از شاهم
Шери фарзандро баҳо хоҳам
شیر فرزند را بها خواهم
Дили ман ҷуст аз ин сарои муҷоз
دل من جست از این سرای مجاز
Аз ниёзи хирад на аз сари ноз
از نیاز خرد نه از سرِ ناز
Ҷустаи баҳри саломати тан ро
جسته بهر سلامت تن را
Сари гиребону пои доман ро
سر گریبان و پای دامن را
Мард хурсанд кам пазиради чиз
مرد خرسند کم پذیرد چیز
Шер чун шер шуд нагирад чиз
شیر چون شیر شد نگیرد چیز
Машну аз шаби пурки ҳикояти хур
مشنو از شب پرک حکایت خور
Гирди дарёи броӣу нилӯфар
گرد دریا برآی و نیلوفر