Кист кандар ду ҷаҳони ошиқи дидор ту нест

کیست کاندر دو جهان عاشق دیدار تو نیست

Кӯ касе кӯи бадалу дидаи харидор ту нест

کو کسی کو بدل و دیده خریدار تو نیست

Давр кун пардаи зрхсору рақиб аз паҳлу

دور کن پرده زرخسار و رقیب از پهلو

Ки марои тоқат нодидани дидор ту нест

که مرا طاقت نادیدن دیدار تو نیست

Дар ту ҳайронами вонкс ки надонист туро

در تو حیرانم وآنکس که ندانست ترا

Вндри он кас ки бидонаст втлб кортў нест

وندر آن کس که بدانست وطلب کارتو نیست

Дар талаби кории гулзори висолати имрӯз

در طلب کاری گلزار وصالت امروز

Нест роҳӣ ки дарави пои ман вхор ту нест

نیست راهی که درو پای من وخار تو نیست

Шарбати васли турои вақти салоӣ ом аст

شربت وصل ترا وقت صلای عام است

Зонкаҳ дар шаҳр касе нест ки бемор ту нест

زآنکه در شهر کسی نیست که بیمار تو نیست

Ман бшкронаҳи васлати дили вҷони пеши кашам

من بشکرانه وصلت دل وجان پیش کشم

Гар матоъи дили вҷони косади бозор ту нест

گر متاع دل وجان کاسد بازار تو نیست

Дар баҳоии назарӣ аз ту бидодам ҷонӣ

در بهای نظری از تو بدادم جانی

Бипазир аз ман агрчнди сазовор ту нест

بپذیر از من اگرچند سزاوار تو نیست

Васли ту хостам аз лутфи ту рӯзӣ , гуфтӣ

وصل تو خواستم از لطف تو روزی، گفتی

Чун марои рой буд ҳоҷати гуфтор ту нест

چون مرا رای بود حاجت گفتار تو نیست

Сайфи фарғонии азтў бкаҳ нолад чун ҳеҷ

سیف فرغانی ازتو بکه نالد چون هیچ

« кас надонам ки дарин шаҳри гирифтор ту нест »

«کس ندانم که درین شهر گرفتار تو نیست »