Чу парда аз рух чун офтоб бурдорӣ
چو پرده از رخ چون آفتاب برداری
зи шарм рӯй ту нур аз қамари фурӯи резад
ز شرم روی تو نور از قمر فرو ریزد
зи шарми чеҳра маънӣ намой ту бим аст
ز شرم چهره معنی نمای تو بیم است
Ки ранги ҳасани з рӯй сувари фурӯи резад
که رنگ حسن ز روی صور فرو ریزد
Чу шеър банда бихонӣ ва дар ҳадиси ое
چو شعر بنده بخوانی و در حدیث آیی
Шукр чу об аз он лаълтар фурӯи резад
شکر چو آب از آن لعل تر فرو ریزد
зи кони лутфи ту андари баҳоии хок дарат
ز کان لطف تو اندر بهای خاک درت
Гуҳари баради бъўзи ҳаркии зари фурӯи резад
گهر برد بعوض هرکه زر فرو ریزد
Туе чу миваи дарин боғ ва некӯон заҳранд
تویی چو میوه درین باغ و نیکوان زهرند
Чу шохи миваи براردи заҳри фурӯи резад
چو شاخ میوه برآرد زهر فرو ریزد
Дар ин ҳаво ки марои мурғи дили бпрўозст
در این هوا که مرا مرغ دل بپروازست
Чаҳ ҷои зоғ ки симурғи пари фурӯи резад
چه جای زاغ که سیمرغ پر فرو ریزد
зи дида бар сари кӯии ту сайфи фарғонӣ
ز دیده بر سر کوی تو سیف فرغانی
Чаҳ ҷои ашк ки хӯни ҷигари фурӯи резад
چه جای اشک که خون جگر فرو ریزد
зи писта чун ту бихандии шукри фурӯи резад
ز پسته چون تو بخندی شکر فرو ریزد
Сухан бигӯ ки зи лаълати гуҳари фурӯи резад
سخن بگو که ز لعلت گهر فرو ریزد
зи лутфи лафз ( ту ) обасту лаъли ту шукр
ز لطف لفظ (تو) آبست و لعل تو شکر
Шукри зи пистау об аз шукри фурӯи резад
شکر ز پسته و آب از شکر فرو ریزد