Маликаст васли ту бчўи ман кас куҷо расад
ملکست وصل تو بچو من کس کجا رسد
Воин мамлакати куҷои бмн бенаво расад
واین مملکت کجا بمن بینوا رسد
Васли турои тавонгар ва дарвеш толибанд
وصل ترا توانگر و درویش طالبند
Вена кор давлатаст кунун то кро расад
وین کار دولتست کنون تا کرا رسد
Дар мавкиб Сикандар буданд халқ ваов
در موکب سکندر بودند خلق واو
Зон бехабар ки Хизри боб бақо расад
زآن بی خبر که خضر بآب بقا رسد
Шоҳони аср аз дар ман нони хўҳнд агар
شاهان عصر از در من نان خوهند اگر
Аз хон ту нўолаҳи бчўни ман гадо расад
از خوان تو نواله بچون من گدا رسد
Ҳар чанд ҳаст сояи лутфи ту халқ ро
هر چند هست سایه لطف تو خلق را
Чун офтоби кӯи ҳамаи касро фаро расад
چون آفتاب کو همه کس را فرا رسد
Бо бандаи лоиқи карами хеш ҷӯад кун
با بنده لایق کرم خویش جود کن
Пайдо буд ки ҳиммат ӯ то куҷо расад
پیدا بود که همت او تا کجا رسد
Рухи ҳамчуи моҳ зард шавад офтоб ро
رخ همچو ماه زرد شود آفتاب را
Гарна зрўии ту мададаш дар қафо расад
گرنه زروی تو مددش در قفا رسد
Ошиқ чу дар раҳи ту қадам зад бадасти лутф
عاشق چو در ره تو قدم زد بدست لطف
Тоҷи карами баҳр ( сар ) мӯяш ҷудо расад
تاج کرم بهر (سر) مویش جدا رسد
Он каси манам ки дар ивази як назари зтў
آن کس منم که در عوض یک نظر زتو
Розии ним ки малики ду олам маро расад
راضی نیم که ملک دو عالم مرا رسد
Оқили зғми гурезади вдиўонаҳи вори мо
عاقل زغم گریزد ودیوانه وار ما
Шодӣ кунем агар ғами ишқат бмо расад
شادی کنیم اگر غم عشقت بما رسد
Васл ту мунтаҳост ( ки ) ошиқи дарин тариқ
وصل تو منتهاست (که) عاشق درین طریق
Аз сад раҳ бугзарад чу бад-ӣн мунтаҳо расад
از سد ره بگذرد چو بدین منتها رسد
эй меҳнати ту давлати соҳиби дилон шуда
ای محنت تو دولت صاحب دلان شده
Неъмат будгар аз ту бъошқ бало расад
نعمت بود گر از تو بعاشق بلا رسد
Чндонкаҳ сайф ҳаст ҳамин гуяд эй нигор
چندانکه سیف هست همین گوید ای نگار
Ҷонои ҳадиси ишқи ту гӯйӣ куҷо расад
جانا حدیث عشق تو گویی کجا رسد