Дил шуд зи дасту даст ба дилбар наме расад

دل شد ز دست و دست به دلبر نمی‌رسد

Мурда ба ҷону ташна ба кавсар наме расад

مرده به جان و تشنه به کوثر نمی‌رسد

Ғаввоси баҳри ишқ чу моҳӣ ба доми ҷаҳд

غواص بحر عشق چو ماهی به دام جهد

Чандин саф гирифт ва ба гавҳар наме расад

چندین صف گرفت و به گوهر نمی‌رسد

Шохи дарахт васл баландаст ва сар кашид

شاخ درخت وصل بلندست و سر کشید

Онҷо ки дасти давлати мо барнаме расад

آنجا که دست دولت ما برنمی‌رسد

Гар васли дӯст май талабии ҳамчуи ман гадо

گر وصل دوست می‌طلبی همچو من گدا

Дарвеш бош кон ба тавонгар наме расад

درویش باش کآن به توانگر نمی‌رسد

Ошиқ ба кӯй ӯ бадви дили раҳ наме барад

عاشق به کوی او بدو دل ره نمی‌برد

Анқо ба ошиёна ба як пар наме расад

عنقا به آشیانه به یک پر نمی‌رسد

Пои талаби зи кӯии муҳаббати мгири боз

پای طلب ز کوی محبت مگیر باز

Ҳарчанд тоҷи васли баҳр сар наме расад

هرچند تاج وصل بهر سر نمی‌رسد

эй муфлисони кӯии ту дарвеши хонда

ای مفلسان کوی تو درویش خوانده

Он шоҳро ки Нонаши азин дар наме расад

آن شاه را که نانش ازین در نمی‌رسد

Ту сокинӣ чу каъбау ошиқ чу ҳоҷён

تو ساکنی چو کعبه و عاشق چو حاجیان

Бисёр саъй карда ба ту дрнмӣ расад

بسیار سعی کرده به تو درنمی‌رسد

Бо ошиқон ту накунад ҳамсарии малик

با عاشقان تو نکند همسری ملک

Ҳаргизи арз ба поя ҷавҳар наме расад

هرگز عرض به پایه جوهر نمی‌رسد

Ман хомшӣ гузинам азиро ба ҳеҷ ҳол

من خامشی گزینم ازیرا به هیچ حال

Дар васфи ту забон суханвар наме расад

در وصف تو زبان سخنور نمی‌رسد

Ҳар байти бандаи қиссаи дардии сети сўзнок

هر بیت بنده قصه دردی‌ست سوزناک

Лекин чаҳ суди қисса ба довар наме расад

لیکن چه سود قصه به داور نمی‌رسد

Аз ман чу офтоби назар мунқатиъ макун

از من چو آفتاب نظر منقطع مکن

Каз ҳеҷ маъданӣ ба ту ин зар наме расад

کز هیچ معدنی به تو این زر نمی‌رسد

Ҳаргиз ба ошиқони ту мулҳақ нагашт сайф

هرگز به عاشقان تو ملحق نگشت سیف

Бечораи харсавор ба лашкар наме расад

بیچاره خرسوار به لشکر نمی‌رسد