Куфр ишқат мекунад манъ аз мусулмонии маро

کفر عشقت می کند منع از مسلمانی مرا

Банд зулфат мекунад ҷамъ аз парешонеи маро

بند زلفت می کند جمع از پریشانی مرا

Он сафо каз куфри ишқат дар дилам таъсир кард

آن صفا کز کفر عشقت در دلم تأثیر کرد

Ҳаргизи он ҳосил наёяд зини мусулмонии маро

هرگز آن حاصل نیاید زین مسلمانی مرا

Подшоҳи ишқ асирам карду гуфтои баъди азин

پادشاه عشق اسیرم کرد و گفتا بعد ازین

Бодил озод мекун бандаи фурмонеи маро

بادل آزاد می کن بنده فرمانی مرا

Аз лаби аФшондии гуҳар то зад камони орзӯ

از لب افشاندی گهر تا زد کمان آرزو

Тири ҳасрат дар ҷигари зони лаъли пайконеи маро

تیر حسرت در جگر زآن لعل پیکانی مرا

Ғӯра дар чашмам макун чун зи ашк уннобӣ чакид

غوره در چشمم مکن چون ز اشک عنابی چکید

Нордон бар рӯй азони ёқӯти румонии маро

ناردان بر روی ازآن یاقوت رمانی مرا

Дайгарӣ бо ту қарин ва ман зхдмти мондаи давр

دیگری با تو قرین و من زخدمت مانده دور

Зоғ бо гул ҳамнишину булбули алҳонии маро

زاغ با گل همنشین و بلبل الحانی مرا

Чун дарахт мива дорам шох бишикастӣ бснг

چون درخت میوه دارم شاخ بشکستی بسنگ

Пас дарин бустон чаҳ судаст аз гули афшонии маро

پس درین بستان چه سودست از گل افشانی مرا

Хоки даргоҳ ту нафурӯшам бмлк ҳар ду кун

خاک درگاه تو نفروشم بملک هر دو کون

Ман чунон нодони ним охири тўмии донеи маро

من چنان نادان نیم آخر تومی دانی مرا

Ман чароғами васлу ҳиҷрати оташ ва нор манаст

من چراغم وصل و هجرت آتش و نار منست

Ҳокимигар зиндаи дории вари бимиронеи маро

حاکمی گر زنده داری ور بمیرانی مرا

Сокинам ҳамчун замин эй душмани андари кӯии дӯст

ساکنم همچون زمین ای دشمن اندر کوی دوست

Гар фалаки гардӣ чу қутб аз ҷонҷнбонии маро

گر فلک گردی چو قطب از جانجنبانی مرا

Собитам дар кор ва азъшқш бигардам доира аст

ثابتم در کار و ازعشقش بگردم دایره است

Зини миён чун нуқта берун кард натавонӣ маро

زین میان چون نقطه بیرون کرد نتوانی مرا

Гар ҳазорам ҷон буд дар пой ӯ резам ки нест

گر هزارم جان بود در پای او ریزم که نیست

Дар раҳи ҷонони зи ҷон додани пушаймонии маро

در ره جانان ز جان دادن پشیمانی مرا

Ман бшър аз малики ишқаши соҳиб девон шудам

من بشعر از ملک عشقش صاحب دیوان شدم

Дод султони ғамаши ин шуғли девонии маро

داد سلطان غمش این شغل دیوانی مرا

Байт аҳзо нест ҳар мисроъи шеъри ман азонк

بیت احزا نیست هر مصراع شعر من ازآنک

Ҳиҷри Юсуфи сӯхт чун ёқӯби канъонии маро

هجر یوسف سوخت چون یعقوب کنعانی مرا

Ман бзири хаймаи гардуни нёромм агар

من بزیر خیمه گردون نیارامم اگر

Мех бар домани нкўбди сайфи фарғонии маро

میخ بر دامن نکوبد سیف فرغانی مرا