Дилӣ каз васли ҷонони бозмонд
دلی کز وصل جانان بازماند
Танӣ бошад ки аз ҷон боз монад
تنی باشد که از جان باز ماند
Нгоринои манам бе рӯй хубат
نگارینا منم بی روی خوبت
Шабӣ каз моҳи тобон боз монад
شبی کز ماه تابان باز ماند
Чаҳ бошад ҳоли он бечораи ошиқ
چه باشد حال آن بیچاره عاشق
Ки аз васлати бҳҷрон боз монад
که از وصلت بهجران باز ماند
Чаҳ гардад зарраи саргаштаи роҳол
چه گردد ذره سرگشته راحال
Ки аз хуршеди рахшон боз монад
که از خورشید رخشان باز ماند
Агар хуршеди рухсор ту бинад
اگر خورشید رخسار تو بیند
Дарони рухсораи ҳайрони бозмонд
درآن رخساره حیران بازماند
Вагар бор фироқат биравӣ уфтад
وگر بار فراقت بروی افتد
зи даври ин чархи гардон боз монад
ز دور این چرخ گردان باز ماند
Ғами ту қӯт ҷон ошиқонаст
غم تو قوت جان عاشقانست
Раво набӯд каз эшон бозмонд
روا نبود کز ایشان بازماند
На дасти халқи рошоиди Асое
نه دست خلق راشاید عصایی
Ки аз Мӯсои умрон боз монад
که از موسی عمران باز ماند
Касеро дасти он хотам набошад
کسی را دست آن خاتم نباشد
Каз ангушти сулаймони бозмонд
کز انگشت سلیمان بازماند
БоСикандар куҷо хоҳад расӣдан
باسکندر کجا خواهد رسیدن
Гар аз хзроби ҳайвони бозмонд
گر از خضرآب حیوان بازماند
Бзири рон ҳар мардӣ наёяд
بزیر ران هر مردی نیاید
Чу Рахш аз пӯри дастон боз монад
چو رخش از پور دستان باز ماند
Нигоро сайф фарғонӣаст бе ту
نگارا سیف فرغانیست بی تو
Чу булбул каз гулистони бозмонд
چو بلبل کز گلستان بازماند
Зари ашъор ӯ дар рӯм ганҷӣаст
زر اشعار او در روم گنجیست
Ки зери хоки пинҳони бозмонд
که زیر خاک پنهان بازماند