Охир эй сарви қади себи занхдон то чанд

آخر ای سرو قد سیب زنخدان تا چند

Дили бемори ман аз дарди ту нолон то чанд

دل بیمار من از درد تو نالان تا چند

Аз пай ёфтан рӯзи висолат чун шамъ

از پی یافتن روز وصالت چون شمع

Хештан сӯхтани андари шаби ҳиҷрон то чанд

خویشتن سوختن اندر شب هجران تا چند

Зорзўии лаби хандони ту ҳар шаби мо ро

زآرزوی لب خندان تو هر شب ما را

Хӯни дили рехтан аз дидаи гирён то чанд

خون دل ریختن از دیده گریان تا چند

Гули хандонӣ ва мо дар ғам ту гирёнем

گل خندانی و ما در غم تو گریانیم

Охири ин гиряи мо зони лаби хандон то чанд

آخر این گریه ما زآن لب خندان تا چند

Ошкоро натавонам ки биравят нагарм

آشکارا نتوانم که برویت نگرم

Ишқи пайдоу назар кардани пинҳон то чанд

عشق پیدا و نظر کردن پنهان تا چند

Ту чу Юсуф шуда бар тахти азизии бҷмол

تو چو یوسف شده بر تخت عزیزی بجمال

Ман чу ёқӯби дарин кулбаи аҳзон то чанд

من چو یعقوب درین کلبه احزان تا چند

Як ҷаҳон бехабар аз машраби васлати сероб

یک جهان بی خبر از مشرب وصلت سیراب

Қисми мо тишнагӣ аз чашмаи ҳайвон то чанд

قسم ما تشنگی از چشمه حیوان تا چند

Душманони баҳри ту эй дӯст ҷФогўӣ мананд

دشمنان بهر تو ای دوست جفاگوی منند

Бурдбории ману таънаи эшон то чанд

بردباری من و طعنه ایشان تا چند

Сайфи фарғонӣ аз ишқи ту савдое шуд

سیف فرغانی از عشق تو سودایی شد

Худ нагӯйӣ ту ки бечораи бад-ӣни сон то чанд

خود نگویی تو که بیچاره بدین سان تا چند