Мушкиласт ин ки касеро ба касе дил баравад

مشکل است این که کسی را به کسی دل برود

Меҳраши осон ба дарун ояд ва мушкил баравад

مهرش آسان به درون آید و مشکل برود

Дили ман меҳри туро гарчи ба худ зуд гирифт

دل من مهر ترا گرچه به خود زود گرفت

Дайр бояд ки марои нақши ту аз дил баравад

دیر باید که مرا نقش تو از دل برود

Баҳри ишқатгар азин шева занад мавҷи фироқ

بحر عشقت گر ازین شیوه زند موج فراق

Киштии ман на ҳамоно ки ба соҳил баравад

کشتی من نه همانا که به ساحل برود

Бе висоли ту ман мурдаи чароғами монда

بی‌وصال تو من مرده چراغم مانده

Ҳамчуи парвона ки шамъаши з муқобил баравад

همچو پروانه که شمعش ز مقابل برود

Дар арӯсии ҷамол ту намедонам кас

در عروسی جمال تو نمی‌دانم کس

Ки зи перояи савдои ту отил баравад

که ز پیرایه سودای تو عاطل برود

Бо ту хӯбӣ натавон гуфт ва надорам бовар

با تو خوبی نتوان گفت و ندارم باور

Ки ба табриз касе ояд ва оқил баравад

که به تبریز کسی آید و عاقل برود

Омн аз фитнаи ҳасани ту дарин даврон нест

آمن از فتنه حسن تو درین دوران نیست

Магари он кас ки ба шаҳр ояд ва ғофил баравад

مگر آن کس که به شهر آید و غافل برود

Лоиқи бадарғаи роҳи ту аз ҳарчӣ марост

لایق بدرقه راه تو از هرچه مراست

Об чашмӣаст ки он бо ту ба манзил баравад

آب چشمی است که آن با تو به منزل برود

Хоки Кувайти ҳамаи гули гашти зоби чашмам

خاک کویت همه گل گشت زآب چشمم

Чун гарони бори ҷафоҳои ту дар гул баравад

چون گران بار جفاهای تو در گل برود

Аҳд кардааст ки дар маҳмил тан нанишинад

عهد کرده است که در محمل تن ننشیند

Ҷонами он рӯз ки аз кӯии ту маҳмил баравад

جانم آن روز که از کوی تو محمل برود

Сайфи фарғонӣ ёраст турои ҳосили умр

سیف فرغانی یار است ترا حاصل عمر

Чаҳ буд фоида аз умр чу ҳосил баравад

چه بود فایده از عمر چو حاصل برود