Насими субҳи пиндории зи кӯй ёр ме ояд
نسیم صبح پنداری ز کوی یار میآید
Ба ҷонҳо мужда май орад ки он дилдор ме ояд
به جانها مژده میآرد که آن دلدار میآید
Ба сад икром май бояд ба истиқбол ӯ рафтан
به صد اکرام میباید به استقبال او رفتن
Ки буии дӯст май оради зи кӯй ёр ме ояд
که بوی دوست میآرد ز کوی یار میآید
Бад-ӣни хӯбӣу хушбӯеи чунон пайдоеу гӯйӣ
بدین خوبی و خوشبویی چنان پیدایی و گویی
Ки сӯии банда чун сиҳҳати сӯй бемор ме ояд
که سوی بنده چون صحت سوی بیمار میآید
Ба некии ҳамчуи шеъри ман дар авсофи ҷамол ӯ
به نیکی همچو شعر من در اوصاف جمال او
Ба хушии ҳамчуи зикр ӯ ки дар ашъор ме ояд
به خوشی همچو ذکر او که در اشعار میآید
Ҳикоят кард кони ширин барои чун ту Фарҳодӣ
حکایت کرد کآن شیرین برای چون تو فرهادی
Шукр аз писта май борад чу дар гуфтор ме ояд
شکر از پسته میبارد چو در گفتار میآید
зи лашкаргоҳи ҳарби он маи сӯии майдон сулҳ ояд
ز لشکرگاه حرب آن مه سوی میدان صلح آید
Музаффар , ҳамчуи султонӣ ки аз пайкор ме ояд
مظفر، همچو سلطانی که از پیکار میآید
Ба дасти ҳилае ошиқ сазад каз сари қадам созӣ
به دست حیلهای عاشق سزد کز سر قدم سازی
?герат дар ҷустан ин гули қадам бар хор ме ояд
گرت در جستن این گل قدم بر خار میآید
Бидодам ?данеу гаштами гадои кӯии султонӣ
بدادم دنیی و گشتم گدای کوی سلطانی
Ки даравишони кӯяшро зи султон ор ме ояд
که درویشان کویش را ز سلطان عار میآید
Хроботисти ишқ ӯ ки ҳар дами пеши мастонаш
خراباتیست عشق او که هر دم پیش مستانش
Зӯҳҳодат чун гунаҳи корон ба истиғфор ме ояд
زهادت چون گنهکاران به استغفار میآید
Басони донаи норсти андари заъфарони ғалтон
بسان دانه نارست اندر زعفران غلتان
зи шавқаши ашки рангинам ки бар рухсор ме ояд
ز شوقش اشک رنگینم که بر رخسار میآید
Ба ноне аз дар ҷонони ризои даҳ сайфи фарғонӣ
به نانی از در جانان رضا ده سیف فرغانی
Ки ҳамчун ту дарин ҳазрати гадо бисёр ме ояд
که همچون تو درین حضرت گدا بسیار میآید