То чанд бар умеди рӯм дар сарои ёр

تا چند بر امید روم در سرای یار

Дар сари хумори бода ва дар дили ҳавои ёр

در سر خمار باده و در دل هوای یار

Халқии бдстбўси ваии осон ҳаме расанд

خلقی بدستبوس وی آسان همی رسند

Моро маҷол на ки бабўсем пои ёр

ما را مجال نه که ببوسیم پای یار

Дил бар диёри вҳр чаҳ барад ( низ ) он ӯст

دل بر دیار وهر چه برد (نیز) آن اوست

Ҷони ҳам захираи иисти дарин тан барои ёр

جان هم ذخیره ییست درین تن برای یار

Дар ишқи ёр аз сари ҷонӣ ки доштам

در عشق یار از سر جانی که داشتم

Бархестам ки ҷон нанишинад биҷои ёр

برخاستم که جان ننشیند بجای یار

Гар дар ризоӣ ёр равад ҷону дил азов

گر در رضای یار رود جان و دل ازاو

Ошиқи бтрк ҳарду биҷӯед ризои ёр

عاشق بترک هردو بجوید رضای یار

Дармони зи кас талаб накунад дардманди дӯст

درمان ز کس طلب نکند دردمند دوست

Дар офият назар накунад мубталои ёр

در عافیت نظر نکند مبتلای یار

Зикраст безабон зуӣ андари даҳони ман

ذکرست بی زبان زوی اندر دهان من

Ҷонаст як ҷаҳон на тани андари қабои ёр

جانست یک جهان نه تن اندر قبای یار

Султон ки чун амири шӯии нон ӯ хурӣ

سلطان که چون امیر شوی نان او خوری

Гар зар диҳад азу напазирад гадои ёр

گر زر دهد ازو نپذیرد گدای یار

Ҳам санги мо гуҳари шўдозоФтоби дӯст

هم سنگ ما گهر شودازآفتاب دوست

Ҳам миси мо чу зршўди азкимёии ёр

هم مس ما چو زرشود ازکیمیای یار

Гар баҳри ёри санги ҷафо бар сарат зананд

گر بهر یار سنگ جفا بر سرت زنند

Рӯи тарки сари бгирўбср бар вафои ёр

رو ترک سر بگیروبسر بر وفای یار

Ёрӣ ки брдри карам аўдриғ нест

یاری که بردر کرم اودریغ نیست

Ҷӯади азнёзи ошиқу афв аз ?хитои ёр

جود ازنیاز عاشق و عفو از خطای یار

Гар дрбҳшт ҷой диҳандам бохрт

گر دربهشت جای دهندم بآخرت

Мақсӯди ман азу набӯд ҷзлқои ёр

مقصود من ازو نبود جزلقای یار

Чандини ҳазор байт бигуфтанд шоирон

چندین هزار بیت بگفتند شاعران

Як байт кас нагуфт ки бошад сазои ёр

یک بیت کس نگفت که باشد سزای یار

Шоири здрди ошиқ шӯрида ғофиласт

شاعر زدرد عاشق شوریده غافلست

ӯ вмдиҳи мардум ва мо вснои ёр

او ومدیح مردم و ما وثنای یار

Аз ёр агар ҷафо расадат сайф сабр кун

از یار اگر جفا رسدت سیف صبر کن

Ёри он буд ки сабр кунад бар ҷафои ёр

یار آن بود که صبر کند بر جفای یار