Зиҳӣ аз зулфи ту ҷони ҳалқа дар гӯш
زهی از زلف تو جان حلقه در گوش
Самоъи қавл ту ноед з ҳар гӯш
سماع قول تو ناید ز هر گوش
Здидори ту моро пари гуҳари чашм
زدیدار تو ما را پر گهر چشم
ЗгФтори ту морои пари шукри гӯш
زگفتار تو مارا پر شکر گوش
Гуҳар дар остин бояд на дар чашм
گهر در آستین باید نه در چشم
Шукри андари даҳон бояд на дар гӯш
شکر اندر دهان باید نه در گوش
Паии дидору гуфтори ту доим
پی دیدار و گفتار تو دایم
з рӯем чашм май бояд зи сари гӯш
ز رویم چشم می باید ز سر گوش
Ту шери андоми оҳӯ чашм додӣ
تو شیر اندام آهو چشم دادی
Ман бедори дилро хоби харгӯш
من بیدار دل را خواب خرگوش
Сухани гӯйӣу рӯ дар пардаи дорӣ
سخن گویی و رو در پرده داری
Ҳама бебаҳраанд аз ту магари гӯш
همه بی بهره اند از تو مگر گوش
зи рӯяти дида ҳар шӯхи чашмӣ
ز رویت دیده هر شوخ چشمی
Чунон маҳрӯми бодо каз назари гӯш
چنان محروم بادا کز نظر گوش
Зошъори сабки рӯи хомаи ман
زاشعار سبک رو خامه من
Гарон шуд олимиро аз гуҳари гӯш
گران شد عالمی را از گهر گوش
Змни ин шеър дорад чашми бади давр
زمن این شعر دارد چشم بد دور
Магасро надаҳумӣ аз рӯй харгӯш
مگس را ندهمی از روی خرگوش
Бшъри хушки васлаши доштами чашм
بشعر خشک وصلش داشتم چشم
Накард он нуктаро он хуши писари гӯш
نکرد آن نکته را آن خوش پسر گوش
Марои андари назари новирди вонгоаҳ
مرا اندر نظر ناورد وآنگاه
Накард аз табъи хушки ин шеъри тргўш
نکرد از طبع خشک این شعر تر گوش
Чу зини мъниши пурсидам бмн гуфт
چو زین معنیش پرسیدم بمن گفت
Нишоед хок дар чашми об дар гӯш
نشاید خاک در چشم آب در گوش
Вгрчаҳ назд ман назми ту дуруст
وگرچه نزد من نظم تو درست
Куҷо бе зари туонаш баст бар гӯш
کجا بی زر توانش بست بر گوش
БўсФти сайф фарғонӣ биёрост
بوصفت سیف فرغانی بیاراست
Ҷаҳониро бмрўориду зари гӯш
جهانی را بمروارید و زر گوش