Рӯзии он рӯй чу хуршед ва бару хол чу шаб

روزی آن روی چو خورشید و بر و خال چو شب

Дидаму ишқи маро бо ту ҳамин буд сабаб

دیدم و عشق مرا با تو همین بود سبب

Зини пас аз пеши ту кӯтаҳ накунам дасти ниёз

زین پس از پیش تو کوته نکنم دست نیاز

Зини пас аз кӯии ту берун нануҳум пои талаб

زین پس از کوی تو بیرون ننهم پای طلب

Гӯшае аз сари кӯии ту қусӯри фирдавс

گوشه‌ای از سر کوی تو قصور فردوس

Нимае аз ма рӯй ту ҳилоли ғабғаб

نیمه‌ای از مه روی تو هلال غبغب

Дидан ту бабради қоидаи ғам аз дил

دیدن تو ببرد قاعده غم از دل

Бӯсаи ту бунаади хосияти ҷон дар лаб

بوسه تو بنهد خاصیت جان در لب

Дар даҳони гири лаби хеши дамӣ то бинӣ

در دهان گیر لب خویش دمی تا بینی

Завқи сад танги шукри ҷамъ шуда дар ду рутаб

ذوق صد تنگ شکر جمع شده در دو رطب

Рӯй ту бо хати мишкӣни ту медоне чист

روی تو با خط مشکین تو می دانی چیست

Офтобӣаст ( ва ) бар ( ҳар ) тарафаши нимаи шаб

آفتابیست (و) بر (هر) طرفش نیمه شب

Бар серуми ишқ ту молида шабии дасти қабул

بر سرم عشق تو مالید شبی دست قبول

Дар дилами мутриби андӯҳ ту зад чанги тараб

در دلم مطرب اندوه تو زد چنگ طرب

Дар ҷаҳони дилам эй тарки сияҳи чашми гузашт

در جهان دلم ای ترک سیه چشم گذشت

Ғорати ҳиндӯии зулфи ту зи яғмои араб

غارت هندوی زلف تو ز یغمای عرب

Сайфи фарғонӣ дар ҳазрати ҷонони доим

سیف فرغانی در حضرت جانان دایم

Хомшии ғайри адаби дону сухани тарки адаб

خامشی غیر ادب دان و سخن ترک ادب