Ба рӯзи васли зи ҳиҷрони ёр май тарсам

به روز وصل ز هجران یار می‌ترسم

Агарчӣ ёфтаам гули зи хор май тарсам

اگرچه یافته‌ام گل ز خار می‌ترسم

Даруни қалъаи маро гарчи ёру дӯсти басии сет

درون قلعه مرا گرچه یار و دوست بسی‌ست

зи душманони бурун аз ҳисор май тарсам

ز دشمنان برون از حصار می‌ترسم

Чу рӯй дӯст агар чанд ҳол ман некӯаст

چو روی دوست اگر چند حال من نیکوست

Вале зи чашми бади рӯзгор май тарсам

ولی ز چشم بد روزگار می‌ترسم

Чу боди фитнаи барангехти гирд аз ҳар сӯ

چو باد فتنه برانگیخت گرد از هر سو

Бар он азиз чу чашм аз ғубор май тарсам

بر آن عزیز چو چشم از غبار می‌ترسم

Дар ин ҳдиқаҳ ки гул ҷо накард гарм дар ӯ

در این حدیقه که گل جا نکرد گرم در او

зи боди сард бар он лолаи зор май тарсам

ز باد سرد بر آن لاله‌زار می‌ترسم

Ба қатъи ҳабли таъаллуқ ки муҳкам афтодаст

به قطع حبل تعلق که محکم افتادست

зи ҳукми мубрами парвардгор май тарсам

ز حکم مبرم پروردگار می‌ترسم

Ҳароси бандаи зи бозуии комкори алии сет

هراس بنده ز بازوی کامکار علی‌ست

Гумон мабар ки ман аз зулфиқор май тарсам

گمان مبر که من از ذوالفقار می‌ترسم

Пиёдагони ҳашами худ ба асб ме нарасанд

پیادگان حشم خود به اسب می‌نرسند

зи Рахши рустами чобуки савор май тарсам

ز رخش رستم چابک‌سوار می‌ترسم

Агарчӣ рафт зимистону шохҳо гул кард

اگرچه رفت زمستان و شاخ‌ها گل کرد

Вале зи ҷорҳаҳи андари баҳор май тарсам

ولی ز جارحه اندر بهار می‌ترسم

Чу баҳру мавҷи бубинам чигуна бошад ҳол

چو بحر و موج ببینم چگونه باشد حال

Ки ман зи киштии дарёи гузор май тарсам

که من ز کشتی دریا گذار می‌ترسم

Ба бӯса аз даҳани дӯсти муҳраи тирёк

به بوسه از دهن دوست مهرهٔ تریاک

Ба лаби гирифтаи зи дандони мор май тарсам

به لب گرفته ز دندان مار می‌ترسم

Аз онкии ман ғам ӯ мехӯрам надорам хавф

از آنکه من غم او می‌خورم ندارم خوف

Аз ин ки ғам нахурд ғмгсор май тарсам

از این که غم نخورد غمگسار می‌ترسم

Дар ин миёни зи ҷудоӣ чу сайфи фарғонӣ

در این میان ز جدایی چو سیف فرغانی

Варо гирифтаам андари канор май тарсам

ورا گرفته‌ام اندر کنار می‌ترسم