эй саодат мададӣ кун ки бидон ёри расм

ای سعادت مددی کن که بدان یار رسم

Лутф кун то ман дилдода ба дилдори расм

لطف کن تا من دلداده به دلدار رسم

ӯ зи ман банда ба ин дида хўнбор расад

او ز من بنده به این دیدهٔ خونبار رسد

Ман аз он дӯст ба ёқӯти шкрбори расм

من از آن دوست به یاقوت شکربار رسم

Андалебами зи чамани давр забонам бастаст

عندلیبم ز چمن دور زبانم بستست

Он замон дар сухан оем ки ба гулзори расм

آن زمان در سخن آیم که به گلزار رسم

То бидон дӯст расм бигузарам аз ҳар чаҳ ҷуз ӯст

تا بدان دوست رسم بگذرم از هر چه جز اوست

Бизанам бар сипаҳ онгаҳ ба сипаҳдори расм

بزنم بر سپه آنگه به سپهدار رسم

Нхўҳми малики ду олам чу бубинами рӯйиш

نخوهم ملک دو عالم چو ببینم رویش

Ҷнтм ёд наёяд чу ба дидори расм

جنتم یاد نیاید چو به دیدار رسم

Кас бидон ёр ба рафтан натавонист расед

کس بدان یار به رفتن نتوانست رسید

Ба расонӣдани он ёр бидон ёри расм

به رسانیدن آن یار بدان یار رسم

Гарчи норафта бидон дӯст нахоҳӣ пайваст

گرچه نارفته بدان دوست نخواهی پیوست

То нагӯйӣ ки бидон дӯст ба рафтори расм

تا نگویی که بدان دوست به رفتار رسم

Дӯст пайғом фиристод ки дар фурқати ман

دوست پیغام فرستاد که در فرقت من

Сабр кун гарчи ба солӣ ба ту як бори расм

صبر کن گرچه به سالی به تو یک بار رسم

Гуфтамаш кӣ буд он бор ? муайян кун ! гуфт :

گفتمش کی بود آن بار؟ معین کن! گفت:

Ман гулами вақти баҳорон ба сари хори расм

من گلم وقت بهاران به سر خار رسم

Неъмати ишқи маро каз дгарон кардам манъ

نعمت عشق مرا کز دگران کردم منع

Гар кунӣ шукр чу мардон ба ту бисёр расм

گر کنی شکر چو مردان به تو بسیار رسم

Ту чу беморӣ ва , чун сиҳҳати роҳати афзой

تو چو بیماری و، چون صحت راحت‌افزای

Ранҷ зоил кунам онгаҳ ки ба бемори расм

رنج زایل کنم آنگه که به بیمار رسم

Аз дар боғи худами миваи даҳ эй дӯст ки ман

از در باغ خودم میوه ده ای دوست که من

На чунон дасти дарозам ки ба девори расм

نه چنان دست درازم که به دیوار رسم

Аз дарат гарчи гадоён ба дирами вогрднд

از درت گرچه گدایان به درم واگردند

Чаҳ шавадгар ман дарвеш ба динори расм

چه شود گر من درویش به دینار رسم

Ман ба рангини суханон аз ту наёбам бӯе

من به رنگین سخنان از تو نیابم بویی

Врчаҳ дар гуфтани томот ба аттори расм

ورچه در گفتن طامات به عطار رسم

Сайфи фарғонӣ дар кори туе монеъи ман

سیف فرغانی در کار تویی مانع من

Поем аз дасти бҳл то ба сари кори расм

پایم از دست بهل تا به سر کار رسم