эй мунаввар биравӣ ту ҳар чашм

ای منور بروی تو هر چشم

Дар дилами нури ту чу дар сари чашм

در دلم نور تو چو در سر چشم

Ҳар дам аз ҳасани ту дигар рангӣ

هر دم از حسن تو دگر رنگی

Рӯй ту ҷилва карда бар ҳар чашм

روی تو جلوه کرده بر هر چشم

Ма чу хуршед ҷӯядат ҳар рӯз

مه چو خورشید جویدت هر روز

То биравят кунад мунаввари чашм

تا برویت کند منور چشم

Даст сидқам кашад бмили ниёз

دست صدقم کشد بمیل نیاز

Хоки поят чу серумаи андари чашм

خاک پایت چو سرمه اندر چشم

Бхёли ту хонаи дил ро

بخیال تو خانه دل را

Ҳар нафас мекунад мусаввири чашм

هر نفس می کند مصور چشم

То маро дар ғами ту бо лаби хушк

تا مرا در غم تو با لب خشک

Дили бхўн ҷигар кунадтар чашм

دل بخون جگر کند تر چشم

Ҳар крои оби чашми баҳр ту нест

هر کرا آب چشم بهر تو نیست

Ҳамчу сайлаш шавад мукаддари чашм

همچو سیلش شود مکدر چشم

Бичишам заҳрам ар кунӣ дар ҷом

بچشم زهرم ار کنی در جام

Бикашам боРом ар наҳй бар чашм

بکشم بارم ار نهی بر چشم

Дил чу маст мемуҳаббат шуд

دل چو مست می محبت شد

Хамри ишқи ту буду соғари чашм

خمر عشق تو بود و ساغر چشم

Аз сари ноз дар чамани рӯзӣ

از سر ناز در چمن روزی

эй маи лола рӯй ъбҳри чашм

ای مه لاله روی عبهر چشم

Ҳаст дар боғи ҳамчуи ман бемор

هست در باغ همچو من بیمار

Баҳри ту наргиси музаввари чашм

بهر تو نرگس مزور چشم

Ҳам зи чашми ту хуби манзар рӯй

هم ز چشم تو خوب منظر روی

Ҳам з рӯй ту хуби манзари чашм

هم ز روی تو خوب منظر چشم

Ҳаркии дил дар ту баст бебасар аст

هرکه دل در تو بست بی بصر است

Гар кушояд биравӣ дигари чашм

گر گشاید بروی دیگر چشم

Парда бар ваии фурӯи гузор ки ҳаст

پرده بر وی فرو گذار که هست

Ин дили ҳамчуи хонаро дар чашм

این دل همچو خانه را در چشم