Аё чу фасли баҳор аз рахти ҷҳонрои зин
ایا چو فصل بهار از رخت جهان را زین
Рухи ту сонии хуршеду солиси алқмрин
رخ تو ثانی خورشید و ثالث القمرین
Басӯии ҷадвали хубон ки мазҳар ҳасананд
به سوی جدول خوبان که مظهر حسنند
Латофати об равон омад ва ту раъси алъайн
لطافت آب روان آمد و تو رأس العین
Ҳамин ки дар ту асар кард шарми усмонӣ
همین که در تو اثر کرد شرم عثمانی
Шавад заранги ду рухи чеҳраи ту зўолнўрин
شود ز رنگ دو رخ چهرهٔ تو ذوالنّورین
Аз одамӣу парии ҳеҷ кас намонад зишт
از آدمی و پری هیچ کس نماند زشت
Чу нур рӯй ту қисмат кунанд бар сиқлин
چو نور روی تو قسمت کنند بر ثقلین
Агар чаҳ кӯии ту имрӯз шӯҳратӣ дорад
اگر چه کوی تو امروز شهرتی دارد
Бкштгони ғами ту чу Карбалои бҳсин
به کشتگان غم تو چو کربلا به حسین
Кунун блъли ту оби ҳаёт нисбат ёфт
کنون به لعل تو آب حیات نسبت یافت
Чу тӯли умри бхзру чўсди бзўолқрнин
چو طول عمر به خضر و چو سد به ذوالقرنین
эй васли туами соя бар сар андозад
همای وصل توام سایه بر سر اندازد
Рақиб ар набӯд дар миёни ғроби албин
رقیب ار نبود در میان غراب البین
ГҳрФшон кун бар дӯсти сайфи фарғонӣ
گهرفشان کن بر دوست سیف فرغانی
Ки ҳаст табъу дилат дар назмро Баҳрайн
که هست طبع و دلت دُرّ نظم را بحرین
Бдонк дар ду ҷаҳони каъбаи дили ушшоқ
بدان که در دو جهان کعبهٔ دل عشاق
Бадваст фахр кунад чун бмстФии ҳарамин
به دوست فخر کند چون به مصطفی حرمین
Бкўии ишқи ватани созу рахти онҷо на
به کوی عشق وطن ساز و رخت آنجا نه
Ки длгшотр аз он ҷой нест дар кунин
که دلگشاتر از آن جای نیست در کونین
Фарози қулла тавраст , касб кун дидор
فراز قلهٔ طور است، کسب کن دیدار
Канор водӣ қудсаст халъ кун наълин
کنار وادی قدس است خلع کن نعلین