эй дар лаби лаъли ту шукр таъбия карда
ای در لب لعل تو شکر تعبیه کرده
Хуштар зи шукри чиз дигар таъбия карда
خوشتر ز شکر چیز دگر تعبیه کرده
Гуҳи хандаи ширини ту гоҳе сухани ту
گه خنده شیرین تو گاهی سخن تو
Дар пистаи танги ту шукр таъбия карда
در پسته تنگ تو شکر تعبیه کرده
Бо ҷавҳари ишқи ту дили сӯхтаи ман
با جوهر عشق تو دل سوخته من
Хокӣаст дар аҷзоаши гуҳар таъбия карда
خاکیست در اجزاش گهر تعبیه کرده
Бар чеҳраи зардами зи ғамати ашки равонам
بر چهره زردم ز غمت اشک روانم
Обӣаст дарави хӯни ҷигар таъбия карда
آبیست درو خون جگر تعبیه کرده
Бо шеър чу симоби равони гавҳари нафасам
با شعر چو سیماب روان گوهر نفسم
Мисӣаст дарави меҳри ту зар таъбия карда
مسیست درو مهر تو زر تعبیه کرده
Нодидаи рухи хуби ту дар васфи ту мо ро
نادیده رخ خوب تو در وصف تو ما را
Дар зимн маъонӣаст сувар таъбия карда
در ضمن معانیست صور تعبیه کرده
эй айни худ аз чашм ниҳон карда ва худ ро
ای عین خود از چشم نهان کرده و خود را
Дар ботини аъёни боср таъбия карда
در باطن اعیان باثر تعبیه کرده
Рӯят ки нахустин асараш субҳ вуҷӯдаст
رویت که نخستین اثرش صبح وجودست
Як лмъаҳи худ дар мау хур таъбия карда
یک لمعه خود در مه و خور تعبیه کرده
Он серума ки ушшоқ бидон рӯй ту бенанд
آن سرمه که عشاق بدان روی تو بینند
Савдои ту дар айни басар таъбия карда
سودای تو در عین بصر تعبیه کرده