эй дили танги маро аз ғами ту ҷони тоза
ای دل تنگ مرا از غم تو جان تازه
Куфр дар аҳд рахт мекунад имони тоза
کفر در عهد رخت می کند ایمان تازه
эй насим саҳарӣ карда зхоки Кувайт
ای نسیم سحری کرده زخاک کویت
Ғунчаро машк бар атрофи гиребони тоза
غنچه را مشک بر اطراف گریبان تازه
Ҳеҷ субҳии ндмд то набарди боди сабо
هیچ صبحی ندمد تا نبرد باد صبا
Ғолия аз сари он зулфи парешони тоза
غالیه از سر آن زلف پریشان تازه
Фитнаро бо шикани зулфи ту пайванди қавӣ
فتنه را با شکن زلف تو پیوند قوی
Ҳасанро бо рухи некӯии ту паймони тоза
حسن را با رخ نیکوی تو پیمان تازه
Хӯни дил бар рухи зардам чу бибинӣ гардад
خون دل بر رخ زردم چو ببینی گردد
Ранг бар рӯй ту чун сабзаи баборони тоза
رنگ بر روی تو چون سبزه بباران تازه
Шавқи ту дар дилам аз васли ту афзӯнӣ ёфт
شوق تو در دلم از وصل تو افزونی یافت
Чаҳ табибӣ ки кунӣ дарди бадармони тоза
چه طبیبی که کنی درد بدرمان تازه
Бар сари кӯии ту савдои ту моро ҳрдм
بر سر کوی تو سودای تو ما را هردم
Гашта бар буии ту чун саръ парӣ хон тоза
گشته بر بوی تو چون صرع پری خوان تازه
Рӯй сурхи ту марои хӯни ҷигар бар рухи зард
روی سرخ تو مرا خون جگر بر رخ زرد
Карда ҳар рӯзи азин дидаи гирёни тоза
کرده هر روز ازین دیده گریان تازه
Гӯйии он рӯзи кҷошд ки чу тӯтии ҳрдм
گویی آن روز کجاشد که چو طوطی هردم
Қанд мехӯрам аз он пистаи хандони тоза
قند می خورم از آن پسته خندان تازه
Ҳаст умедам ( ки ) дигар бораи бимни хотам
هست امیدم (که) دگر باره بیمن خاتم
Боз дар малик шавад ҳукми сулаймони тоза
باز در ملک شود حکم سلیمان تازه
Сайфи фарғонӣ ҳар рӯзи бсҳри ашъор
سیف فرغانی هر روز بسحر اشعار
намекунад васвасаи андари дили ёрони тоза
می کند وسوسه اندر دل یاران تازه