Табораки аллоҳ аз он рӯй длстон ки турост
تبارک الله از آن روی دلستان که تراست
зи ҳасану лутф касеро набошад он ки турост
ز حسن و لطف کسی را نباشد آن که تراست
Гумон мабар ки шавад мунқатиъи бдодни ҷон
گمان مبر که شود منقطع بدادن جان
Таъаллуқи дил аз он рӯй длстон ки турост
تعلق دل از آن روی دلستان که تراست
Бихандае бути бодоми чашми ширини лаб
بخنده ای بت بادام چشم شیرین لب
Шукри бирезад аз он пистаи даҳон ки турост
شکر بریزد از آن پسته دهان که تراست
зи ҷавҳарӣ ки туро офарӣдаанд эй дӯст
ز جوهری که ترا آفریده اند ای دوست
Чигуна ҷисм буд он тан чу ҷон ки турост
چگونه جسم بود آن تن چو جان که تراست
зи роҳи чашм бадал мерасад хаданги мижа
ز راه چشم بدل می رسد خدنگ مژه
Марои мудоми зи абрӯӣ чун камон ки турост
مرا مدام ز ابروی چون کمان که تراست
Чаҳ хуш буд ки чу ман тӯтӣӣ шукр чӣанд
چه خوش بود که چو من طوطیی شکر چیند
Бабўса зони лаби лаъли шкрФшон ки турост
ببوسه زآن لب لعل شکرفشان که تراست
Бғири соғар май каш бар ту обӣ ҳаст
بغیر ساغر می کش بر تو آبی هست
Бабўса ӣӣ нарасад кас аз он лабон ки турост
ببوسه یی نرسد کس از آن لبان که تراست
Агар камар бигушоеу зулф боз кунӣ
اگر کمر بگشایی و زلف باز کنی
Миёни мӯии ту гум гардад он миён ки турост
میان موی تو گم گردد آن میان که تراست
Чу андалеби марои сад ҳазор дстонст
چو عندلیب مرا صد هزار دستانست
БўсФи он ду рухи ҳамчуи гулистон ки турост
بوصف آن دو رخ همچو گلستان که تراست
Сабо биёмад ва оварад буии ту , гуфтам
صبا بیامد و آورد بوی تو، گفتم
Ҳазор ҷон бидиҳам ман бад-ӣни нишон ки турост
هزار جان بدهم من بدین نشان که تراست
Биё ки ҳеҷ каси имрӯзи сайфи фарғонӣ
بیا که هیچ کس امروز سیف فرغانی
Надорад оби сухан инчунин равон ки турост
ندارد آب سخن اینچنین روان که تراست