Туе ки оризи рухсори длстони дорӣ

تویی که عارض رخسار دلستان داری

Дилам ба ғамзаи рабӯдӣу қасди ҷони дорӣ

دلم به غمزه ربودیّ و قصد جان داری

Ту бӯстони ҷамолӣу ношукуфта ҳануз

تو بوستان جمالیّ و ناشکفته هنوز

Ҳазор ғунча бар атрофи бӯстони дорӣ

هزار غنچه بر اطراف بوستان داری

Бад-ӣни рух чу мау қомат чу сарви равон

بدین رخ چو مه و قامت چو سرو روان

Туро ҳаме расад ар сар бар осмони дорӣ

تو را همی‌رسد ار سر بر آسمان داری

Чу дар канори ниёеи куҷои тавон дидан

چو در کنار نیایی کجا توان دیدن

Дақиқае ки ту аз лутф дар миёни дорӣ

دقیقه‌ای که تو از لطف در میان داری

Ман ар зи пои даройами туро чаҳ ғам ки чу ман

من ار ز پای درآیم تو را چه غم که چو من

Ҳазор ошиқи саргашта дар ҷаҳони дорӣ

هزار عاشق سرگشته در جهان داری

Миёни зумраи хубони марои дилии гуми гашт

میان زمره خوبان مرا دلی گم گشت

Тӯии зи ҷумлаи ин дилбарон ки он дорӣ

توی ز جمله این دلبران که آن داری

зи дӯстии ту корам ба ком душман шуд

ز دوستیّ تو کارم به کام دشمن شد

Раво буд ки чунин дӯстро чунон дорӣ

روا بود که چنین دوست را چنان داری

Ғамат ба ҷони бхридми худоати музди дҳод

غمت به جان بخریدم خدات مزد دهاد

Каз он матоъи нафис инчунин зиёни дорӣ

کز آن متاع نفیس اینچنین زیان داری

зи хоки даргаи ту зони маро насибӣ нест

ز خاک درگه تو زآن مرا نصیبی نیست

Ки оби дидаи халқӣ бар остони дорӣ

که آب دیده خلقی بر آستان داری

Мудоми сабз буд гулшани муҳаббати мо

مدام سبز بود گلشن محبت ما

Агар ту оби сухан инчунин равони дорӣ

اگر تو آب سخن اینچنین روان داری

Ту он маӣ ки туро гуфт сайфи фарғонӣ

تو آن مهی که تو را گفت سیف فرغانی

Ҳадис ё шукраст он ки дар даҳони дорӣ

حدیث یا شکرست آن که در دهان داری