Чунин ки ту смрӣ эй писари бширинӣ

چنین که تو سمری ای پسر بشیرینی

Бадӯр ту накунад каси назари бширинӣ

بدور تو نکند کس نظر بشیرینی

ШкрФшони лаб ту дид ва шуд бҷони моил

شکرفشان لب تو دید و شد بجان مایل

Дилами басӯии ту ҳамчун ҷигари бширинӣ

دلم بسوی تو همچون جگر بشیرینی

Агар зи лаъли ту будӣ нишон дар аввали аҳд

اگر ز لعل تو بودی نشان در اول عهد

Чигуна ном гирифтӣ шукри бширинӣ

چگونه نام گرفتی شکر بشیرینی

Ҷаҳони бадӯри ту ширин шавад чу об аз қанд

جهان بدور تو شیرین شود چو آب از قند

Чаро диҳанд бадӯри ту зари бширинӣ

چرا دهند بدور تو زر بشیرینی

Раҳе ки талхии ҳиҷр ту дошт коми дилаш

رهی که تلخی هجر تو داشت کام دلش

Надошт рағбати азин бештари бширинӣ

نداشت رغبت ازین بیشتر بشیرینی

Туро канор гирифт ва дар он миён ногоҳ

ترا کنار گرفت و در آن میان ناگاه

Лаб ту диду фурӯи баради сари бширинӣ

لب تو دید و فرو برد سر بشیرینی

Дигар бмأмни аслии худ чигуна расад

دگر بمأمن اصلی خود چگونه رسد

Ҳар он магас ки Биёлуд пари бширинӣ

هر آن مگس که بیالود پر بشیرینی

зи ҳасрати ту чу шамъ аз нигини асари пзрФт

ز حسرت تو چو شمع از نگین اثر پذرفت

Чу додам аз лаби лаълати хабари бширинӣ

چو دادم از لب لعلت خبر بشیرینی

Дили марои бтў аз ҷумла майл бештараст

دل مرا بتو از جمله میل بیشترست

Ки майли Тифл буд бештари бширинӣ

که میل طفل بود بیشتر بشیرینی

Бпиши содиру вориди ҳикоят ту кунам

بپیش صادر و وارد حکایت تو کنم

Басанда кардаам аз моҳзри бширинӣ

بسنده کرده ام از ماحضر بشیرینی

зи шеъри худ ғазалӣ назд ёри барадам ва гуфт

ز شعر خود غزلی نزد یار بردم و گفت

Яке бичишам ризо дар нигари бширинӣ

یکی بچشم رضا در نگر بشیرینی

Чу май рӯй бсФри шеъри банда бо худ бар

چو می روی بسفر شعر بنده با خود بر

Ки табъ майл кунад дар сафари бширинӣ

که طبع میل کند در سفر بشیرینی

Ҷавоб дод ки бо ин ҳамаи шукр ки марост

جواب داد که با این همه شکر که مراست

Кӣ илтифот кунам ман дигар бширинӣ

کی التفات کنم من دگر بشیرینی