Баҳоли худ чу назар кардам аз ту май пурсам

به حال خود چو نظر کردم از تو می‌پرسم

Ки ҳеҷ бошад азин саъбтар балое ? не

که هیچ باشد ازین صعبتر بلایی؟ نی

Гурези азтўи вҷзтўи гурез гоҳе нест

گریز از تو و جز تو گریزگاهی نیست

Шикояти азтўу ғайри азтўи подшоиии не

شکایت از تو و غیر از تو پادشایی نی

Ғам турост мусаллами зҳокмони имрӯз

غم تراست مسلم ز حاکمان امروز

Ки хӯни бирезади вондри миёни баҳои не

که خون بریزد و اندر میان بهایی نی

Азостон ҷалолат бипурс то ҳаргиз

از آستان جلالت بپرس تا هرگز

Задаст ҳалқаи барин дрчўи ман гадоӣ ? не

ز دست حلقه برین در چو من گدایی؟ نی

Бҷон расед кунун кори сайфи фарғонӣ

به جان رسید کنون کار سیف فرغانی

Сқим дар хатару дардро давоеи не

سقیم در خطر و درد را دوایی نی

Марои бензади ту баҳр нишаст ҷое не

مرا به نزد تو بهر نشست جایی نی

Маро задаст ту баҳри гурези поеи не

مرا ز دست تو بهر گریز پایی نی

Збҳр ҷустан ту тодлм зҷо бархест

ز بهر جستن تو تا دلم ز جا برخاست

Бибин ки бо сар Кувайт нишаст ҷое не

ببین که با سر کویت نشست جایی نی

Манам зхўишони бегонаи баҳри ту ( ва ) маро

منم ز خویشان بیگانه بهر تو (و) مرا

Биҷузи саги ту дарин кӯии ошнои не

بجز سگ تو درین کوی آشنایی نی

Чу гули бахӯбии сад барги куштае вмро

چو گل بخوبی صد برگ گشته‌ای و مرا

Чу андалеби бҳнгоми даии навоеи не

چو عندلیب به هنگام دی نوایی نی

Ҷаҳони пар аз гули влолаҳ шуда вале бе ту

جهان پر از گل و لاله شده ولی بی‌تو

Марои чўоби боёми гули сафойии не

مرا چو آب به ایام گل صفایی نی

Чу зарра бе ту вуҷӯдам танасту ҷонии не

چو ذره بی‌تو وجودم تنست و جانی نی

ЧўоФтоби ҳамаи рӯеу қафоеи не

چو آفتاب همه رویی و قفایی نی